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छह महीने से लापता बच्चे की तलाश जारी, पुलिस प्रशासन ने कसी कमर, दो पुलिसकर्मी निलंबित

छह महीने से लापता गोदना का मामला पहुंचा शासन तक, स्थानीय पुलिस की खुली नींद, लापरवाही के मामले में दो पुलिसकर्मी निलंबित

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Godana Case

Godana Case

हाथरस। जिले के 11 वर्षीय बच्चे गोदना के चर्चित अपहरण कांड में पुलिस की लापरवाही सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक ने दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। आपको बता दें कि गोदना पिछले छह महीने से लापता है, पुलिस से किसी तरह की मदद न मिलने के कारण, गोदना की की तलाश में उसके पिता सतीश चंद्र अब तक कई राज्यों का करीब 2000 किलोमीटर का सफर साइकिल से पूरा कर चुके हैं, लेकिन उसका अब तक कुछ पता नहीं चला है। बाद में घटना का संज्ञान लेते हुए आगरा के समाज सेवी नरेश पारस ने ट्वीट कर मामले की जानकारी मुख्यमंत्री और यूपी पुलिस के पदाधिकारियों को दी, साथ ही मीडिया के जरिए भी ये मामला लोगों तक पहुंचा, उसके बाद पुलिस हरकत में आई और कार्रवाई की गई।

ये था पूरा मामला
दरअसल सासनी कोतवाली के गांव द्वारिकापुर के निवासी सतीश चन्द्र के तीन बच्चे थे। कुछ समय पहले बेटी सरिता की बीमारी के कारण मौत हो गई थी, वहीं भूरा नाम के एक बेटे की ट्रैक्टर के नीचे दबने से दर्दनाक मौत हो गई थी। अब उनके पास एक ही बेटा गोदना बचा था, जो 24 जून 2017 को लापता हो गया था। उसकी गुमशुदगी की शिकायत लेकर सतीश चंद्र कोतवाली के चक्कर लगाते रहे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। कुछ दिनों बाद रिपोर्ट के नाम पर उन्हें थाने की मोहर लगा एक कागज थमा दिया गया, लेकिन कोई पुलिस कर्मी उनके घर पर मामले का जायजा लेने नहीं पहुंचा।

पुलिस से किसी तरह की मदद न मिलते देख मजबूर पिता खुद ही साइकिल से बच्चे की तलाश करने निकल पड़े। इस बीच उन्होंने यूपी समेत दिल्ली, हरियाणा और मध्य प्रदेश आदि कई राज्यों के रेलवे ट्रैक पर साइकिल से सफर कर बच्चे की तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। मजबूर पिता का कहना है कि तीन बच्चों में एक ही बच्चा जीवित था, अगर वो भी नहीं मिला तो मुझे व मेरी पत्नी को चिता देने वाला भी कोई नहीं होगा। वे बताते हैं कि बच्चे की राह देखते हुए मेरी पत्नी सदमे में आ गई है। उसके इलाज में सतीश चंद्र पर करीब 40 हजार रुपए की उधारी चढ़ गई है। वहीं इस बीच उनके खेत भी बदहाल हैं। लेकिन उनकी इस हालत में भी मदद करने वाला कोई नहीं था।

बाद में समाज सेवी नरेश पारस के प्रयासों और मीडिया के जरिए मामला सुर्खियों में आया। जब शासन ने मामले का संज्ञान लिया तो स्थानीय पुलिस के हाथ पांव फूल गए। आनन फानन में पहले अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. अरविंद कुमार सतीश के घर पहुंचे और सारी बात सुनी। साथ ही बच्चे की तलाश का दिलासा दिया। इस बीच उन्होंने गोदना की जानकारी देने वाले को उचित इनाम देने की भी बात कही थी। फिलहाल इस मामले में एस आई अजय कुमार और एसआई रामदास पचौरी की लापरवाही का मामला सामने आया, जिसको लेकर उन्हें निलंबित कर दिया गया। पुलिस का कहना है फिलहाल पुलिस किशोर की तलाश कर रही है।