
11 वीं कक्षा की स्कूली छात्रा ने बनाया वायरस किलिंग मास्क
प्रतिभा उम्र की सीमा से बंधी हुई नहीं होती। कोरोना वायरस के संक्रमण से निपटने के लिए सभी अपने-अपने स्तर पर प्रयास कर रहे हैं। इसी कड़ी में पश्चिम बंगाल के बर्दवान की एक 11वीं कक्षा की छात्रा ने भी कोविड-19 वायरस को रोकने के लिए खास मास्क बनाया है। दिगंतिका बोस ने एक 'वायरस किलिंग' मास्क बनाया है जो संक्रमण को रोकने और पहली कतार में संक्रमितों का इलाज कर रहे चिकित्सकों को सुरक्षा प्रदान करेगा। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार की ओर से आयोजित एक राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए दिगंतिका ने इस मास्क का डिजायन तैयार किया है। उनका डिजायन इस प्रतियोगिता के अंतिम चरण के लिए भी चुना गया है। अगर उनका बनाया मास्क परीक्षण में सफल हो जाता है तो इसे रोगियों और चिकित्सा एवं नर्सिंगकर्मियों के लिए उपलब्ध करवाया जाएगा।
दिगंतिका का कहना है कि कोविड-19 वायरस से संक्रमित रोगी इस मास्क का उपयोग करता है तो छींकने या खांसने से निकलने वाली बूंदे (ड्रॉपलेट्स)में मौजूद वायरस नष्ट हो जाएगा। इस मास्क का प्रोटोटज्ञइप तैयार करने में उन्हें एक सप्ताह का समय लगा। दिगंतिका के अनुसार मास्क में दोनों तरफ वॉल्व और फिल्टर लगा हुआ है। सांस लेने पर हवा वाल्वसे फिल्टर होकर फेफड़ों तक पहुंचती है। साथ ही है यह फिल्टर वायरस को शरीर में प्रवेश करने से पहले ही नष्ट कर देता है। इसी तरह रोगी के छींकने या खांसने पर वायरस से भरी बूंदे मास्क से जुड़े एक दूसरे वॉल्व में प्रवेश कर बाहर निकलती हैं जिससे वायरस का लिपिड प्रोटीन नष्ट हो जाता है।
Published on:
30 Apr 2020 09:37 pm
बड़ी खबरें
View Allस्वास्थ्य
ट्रेंडिंग
लाइफस्टाइल
