
फिटनेस को आसान Chair Test के जरिए समझने को दर्शाती प्रतीकात्मक तस्वीर (photo- chatgtp)
Chair Test: क्या सिर्फ 30 सेकंड में आपकी फिटनेस, शरीर की ताकत और भविष्य की हेल्थ का अंदाजा लगाया जा सकता है? हाल ही में आई एक रिसर्च में ऐसा दावा किया गया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि एक आसान-सा चेयर टेस्ट बुजुर्गों में कमजोरी, गिरने का खतरा और यहां तक कि जल्दी मौत के रिस्क के बारे में भी संकेत दे सकता है।
यह रिसर्च Journal of Sport and Health Science में प्रकाशित हुई है। इसमें बताया गया कि शरीर की मांसपेशियों की ताकत और बैठने-उठने की क्षमता हेल्दी एजिंग का बड़ा संकेत हो सकती है।
इस टेस्ट में व्यक्ति को एक कुर्सी पर बैठकर 30 सेकंड के अंदर जितनी बार हो सके, उतनी बार उठना और वापस बैठना होता है। इस दौरान देखा जाता है कि शरीर कितनी आसानी और तेजी से मूव कर रहा है। रिसर्च में 65 साल या उससे ज्यादा उम्र के 1,800 से अधिक लोगों को शामिल किया गया। वैज्ञानिकों ने उनकी बैठने-उठने की क्षमता, वजन और शरीर की ताकत को मापा। इसके बाद जो नतीजे सामने आए, उन्होंने डॉक्टरों को भी चौंका दिया।
रिसर्च के अनुसार, जिन लोगों की मांसपेशियों की ताकत कम थी, उनमें किसी भी बीमारी से मौत का खतरा ज्यादा देखा गया। महिलाओं में यह खतरा और ज्यादा पाया गया। कम स्कोर वाली महिलाओं में मृत्यु का खतरा लगभग दोगुना था। वहीं पुरुषों में यह खतरा करीब 57 प्रतिशत ज्यादा पाया गया।
स्टडी में यह भी सामने आया कि जिन महिलाओं की निचले शरीर की ताकत (Lower Body Strength) कमजोर थी, उनमें हिप फ्रैक्चर का खतरा तीन गुना तक ज्यादा था। उम्र बढ़ने के साथ हड्डियां कमजोर होने लगती हैं, खासकर महिलाओं में मेनोपॉज के बाद यह खतरा और बढ़ जाता है। पुरुषों में भी कम मांसपेशी ताकत का संबंध गिरने और शरीर में फ्रैक्चर से देखा गया।
अच्छी बात यह है कि किसी भी उम्र में मांसपेशियों की ताकत बढ़ाई जा सकती है। इसके लिए रोजाना हल्की-फुल्की फिजिकल एक्टिविटी जरूरी है। आप ये चीजें कर सकते हैं:
ऐसे आसान टेस्ट शरीर में छिपी कमजोरी को समय रहते पकड़ने में मदद कर सकते हैं। कई बार लोग बाहर से ठीक दिखते हैं, लेकिन शरीर की मांसपेशियां और बैलेंस धीरे-धीरे कमजोर हो रहे होते हैं। ऐसे में यह 30 सेकंड का चेयर टेस्ट सिर्फ फिटनेस नहीं, बल्कि आने वाले हेल्थ रिस्क का भी संकेत दे सकता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
18 May 2026 04:00 pm
बड़ी खबरें
View Allस्वास्थ्य
ट्रेंडिंग
लाइफस्टाइल
