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Heat Stroke Symptoms : बच्चों को लू लगने पर अगर दिखते हैं ये 5 लक्षण, तुरंत ले जाएं अस्पताल, NDMA ने दी जानकारी

Heat Stroke Ke Lakshan : लू लगने पर कई बार स्थिति जानलेवा हो सकती है। खासकर, बच्चों के लिए ये अधिक खतरनाक होता है। गृह मंत्रालय (MHA) और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA India) ने इसको लेकर जानकारी शेयर की है।
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नई दिल्ली

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Ravi Gupta

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Updated: 25 May 2026, 9:43 AM IST

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तपती धूप में बच्चे को पानी देती मां की फाइल फोटो | Credit- ANI

Heat Stroke Symptoms in Kids :भीषण गर्मी (हीटवेव) के दौरान बच्चों में दिखने वाले स्वास्थ्य संबंधी खतरों और उनके लक्षणों को समझना जरूरी है। गृह मंत्रालय (MHA) और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA India) ने बताया है कि लू लगना बच्चों के लिए बेहद खतरनाक होता है। इसको लेकर लू लगने के सामान्य लक्षण, चेतावनी और आपातकाल वाले संकेतों के बारे में एक पोस्ट के जरिए समझाया है।

माता-पिता और देखभाल करने वालों के लिए ये चार्ट मददगार हो सकती है, ताकि वे समय रहते सही कदम उठा सकें। इससे बच्चे को समय रहते बचाया जा सकता है।

Chart : Heat Stroke Symptoms in kids | देखिए चार्ट

चरण 1: शुरुआती लक्षण (नजर रखें)

शुरुआत में जब बच्चे का शरीर गर्मी बर्दाश्त नहीं कर पाता, तो उसमें कुछ हल्के बदलाव दिखते हैं। इन्हें पहचानकर तुरंत देखभाल शुरू कर देनी चाहिए:

  • असामान्य पसीना आना
  • चिड़चिड़ापन और रोना: बिना किसी स्पष्ट कारण के बच्चे का सामान्य से अधिक रोना।
  • सुस्ती: बच्चा अचानक शांत हो जाता है, उसकी एनर्जी कम हो जाती है और वह खेलने-कूदने में रुचि नहीं लेता।
  • प्यास लगना: बार-बार पानी या तरल पदार्थ मांगना।
  • चेहरे का रंग: त्वचा या चेहरा हल्का लाल दिखाई देना।

सलाह- बच्चे को तुरंत किसी ठंडी या छायादार जगह पर ले जाएं। उसे ओआरएस (ORS), नींबू पानी, नारियल पानी या साफ पानी पीने को दें।

चरण 2: चेतावनी के संकेत (येलो सिग्नल - तुरंत कदम उठाएं)

अगर शुरुआती लक्षणों पर ध्यान न दिया जाए, तो स्थिति बिगड़ सकती है। इन लक्षणों के दिखते ही अलर्ट हो जाएं:

  • पसीना बंद होना: शरीर का बहुत गर्म होना लेकिन पसीना आना अचानक बंद हो जाना (यह बेहद खतरनाक स्थिति है)।
  • सूखी त्वचा: बच्चे की त्वचा छूने पर अत्यधिक गर्म और सूखी महसूस होना।
  • खान-पान में अरुचि: बच्चे का कुछ भी खाने या पीने से पूरी तरह मना कर देना।
  • पेशाब न होना: शरीर में पानी की भारी कमी के कारण बच्चे का कई घंटों तक पेशाब न करना।

सलाह- बच्चे को तुरंत घर या ठंडे कमरे के अंदर लाएं। उसके शरीर पर गीले कपड़े की पट्टियां रखें (स्पंजिंग करें) और लगातार उसके तापमान की निगरानी करें।

चरण 3: आपातकालीन स्थिति (रेड सिग्नल - तुरंत 108 पर कॉल करें)

यह स्थिति सीधे तौर पर 'हीट स्ट्रोक' (लू लगना) को दर्शाती है, जो कि एक मेडिकल इमरजेंसी है। इसमें बिना वक्त गंवाए डॉक्टर के पास जाना चाहिए:

  • भ्रम या लड़खड़ाहट: बच्चे का ठीक से खड़े न हो पाना, चक्कर आना या मानसिक रूप से भ्रमित दिखना।
  • बेहोशी जैसी स्थिति: बच्चे का गहरी नींद में होना और आसानी से न जाग पाना।
  • दौरे पड़ना: अत्यधिक तापमान के कारण शरीर में ऐंठन या दौरे (Seizures) पड़ना।
  • उल्टी होना: कुछ भी खाते-पीते ही बार-बार उल्टी होना।
  • प्रतिक्रियाहीन (Unresponsive): बच्चे के शरीर का बिल्कुल ढीला पड़ जाना और किसी बात का जवाब न देना।

सलाह- बिना एक मिनट भी बर्बाद किए आपातकालीन नंबर 108 या नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें।

माता-पिता के लिए जरूरी सलाह

डॉ. अमनदीप अग्रवाल (फिजिशियन) ने पत्रिका को बताया कि इस मौसम में बच्चों को दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच सीधे धूप में ले जाने से बचें। उन्हें ढीले और सूती कपड़े पहनाएं और भले ही वे प्यास न जताएं, उन्हें थोड़ी-थोड़ी देर में पानी या अन्य हेल्दी लिक्विड देते रहें। याद रखें, सावधानी ही इस जानलेवा गर्मी से आपके बच्चे का सबसे बड़ा बचाव है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

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