
तपती धूप में बच्चे को पानी देती मां की फाइल फोटो | Credit- ANI
Heat Stroke Symptoms in Kids :भीषण गर्मी (हीटवेव) के दौरान बच्चों में दिखने वाले स्वास्थ्य संबंधी खतरों और उनके लक्षणों को समझना जरूरी है। गृह मंत्रालय (MHA) और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA India) ने बताया है कि लू लगना बच्चों के लिए बेहद खतरनाक होता है। इसको लेकर लू लगने के सामान्य लक्षण, चेतावनी और आपातकाल वाले संकेतों के बारे में एक पोस्ट के जरिए समझाया है।
माता-पिता और देखभाल करने वालों के लिए ये चार्ट मददगार हो सकती है, ताकि वे समय रहते सही कदम उठा सकें। इससे बच्चे को समय रहते बचाया जा सकता है।
शुरुआत में जब बच्चे का शरीर गर्मी बर्दाश्त नहीं कर पाता, तो उसमें कुछ हल्के बदलाव दिखते हैं। इन्हें पहचानकर तुरंत देखभाल शुरू कर देनी चाहिए:
सलाह- बच्चे को तुरंत किसी ठंडी या छायादार जगह पर ले जाएं। उसे ओआरएस (ORS), नींबू पानी, नारियल पानी या साफ पानी पीने को दें।
अगर शुरुआती लक्षणों पर ध्यान न दिया जाए, तो स्थिति बिगड़ सकती है। इन लक्षणों के दिखते ही अलर्ट हो जाएं:
सलाह- बच्चे को तुरंत घर या ठंडे कमरे के अंदर लाएं। उसके शरीर पर गीले कपड़े की पट्टियां रखें (स्पंजिंग करें) और लगातार उसके तापमान की निगरानी करें।
यह स्थिति सीधे तौर पर 'हीट स्ट्रोक' (लू लगना) को दर्शाती है, जो कि एक मेडिकल इमरजेंसी है। इसमें बिना वक्त गंवाए डॉक्टर के पास जाना चाहिए:
सलाह- बिना एक मिनट भी बर्बाद किए आपातकालीन नंबर 108 या नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें।
डॉ. अमनदीप अग्रवाल (फिजिशियन) ने पत्रिका को बताया कि इस मौसम में बच्चों को दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच सीधे धूप में ले जाने से बचें। उन्हें ढीले और सूती कपड़े पहनाएं और भले ही वे प्यास न जताएं, उन्हें थोड़ी-थोड़ी देर में पानी या अन्य हेल्दी लिक्विड देते रहें। याद रखें, सावधानी ही इस जानलेवा गर्मी से आपके बच्चे का सबसे बड़ा बचाव है।
Published on:
18 May 2026 03:07 pm
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