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गर्दन में तेज दर्द और अकड़न की समस्या से कभी न कभी हम सब जूझते हैं, लेकिन कुछ लोगों में ये समस्या आए दिन होती है और लंबे समय तक बनी रहती है। कई बार सुबह सोकर उठने के बाद ये दर्द ज्यादा महसूस होता है। गर्दन को घुमाने या किसी चीजो को झुककर उठाने में भी परेशानी होती है। जब गर्दन की दर्द से आपका डेली वर्क प्रभावित होने लगे तो समझ लें ये आम समस्या नहीं है।
अमूमन कई बार एक्सरसाइज करने या मसल्स रिलेक्सेंट लेने से इस दर्द से छुटकारा मिल जाता है, लेकिन अगर दर्द बार-बार आता रहे तो ये समस्या बन जाता है। ये सोचकर अपने दर्द और अकड़न की समस्या हो हल्के में नहीं ले सकते हैं। अगर ये समस्या आपको बार-बार हो रही है और कई दिनों तक आप इससे परेशान रह रहें, तो आपको इसके कारण और गंभीर खतरों के बारे में जानने की जरूरत है ताकि आप अपनी समस्या का उचित उपाय कर सकें। तो चलिए जानते है गर्दन की अकड़न के कारण, लक्षण और उपाय क्या हैं और किस तरह की सावधानियां आपको बरतनी चाहिए।
गर्दन में दर्द और अकड़न के कारण
1. एक्सरसाइज के कारण
कई बार गर्दन में दर्द का कारण गलत तरीके से एक्सरसाइज करना या अचानक मूवमेंट से हो सकता है। अक्सर एक ही पोजिशन में बैठे रहने की वजह से भी यह समस्या होती है।क्योंकि गर्दन की मांसपेशियों में सूक्ष्म क्षति हो जाती है, जिसके कारण गर्दन में दर्द और अकड़न जैसी दिक्कतें आने लगती है। ऐसा अधिक देर तक पुशअप्स, स्क्वाट और वेट लिफ्टिंग जैसे एक्सरसाइज करने से भी हो सकता है।
2. गर्दन में मोच और स्ट्रेस
गर्दन में कई बार कुछ भारी सामान सिर पर रखने या मूवमेंट से मोच या खिंचाव आ जाता है। इससे भी गर्दन की मांसपेशियों में दर्द और घुमाने में समस्या हो सकती है, जो गर्दन की मांसपेशियों और स्नायुबंधन दोनों को प्रभावित कर सकता है। दरअसल स्नायुबंधन जोड़ों के चारों ओर ऊतक के बैंड होते हैं जो हड्डियों को आपस में जोड़ते हैं। मोच या खिंचाव तब आता है, जब मांसपेशियों के तंतु खिंच जाते हैं या फट जाते हैं। ऐसा होने पर आपको पैरों और पीठ के निचले हिस्से में भी खिंचाव का अनुभव हो सकता है।
3. पोलिमेल्जिया रुमेटिका
पोलिमेल्जिया रुमेटिका मांसपेशियों में दर्द और जकड़न की एक बीमारी है। इससे कंधे, गर्दन और बाहों सहित ऊपरी शरीर के हिस्सों में दर्द होता है। इससे कूल्हों में भी तकलीफ होती है। यह आमतौर पर अधिक उम्र वाले व्यक्तियों को ये बीमारी ज्यादा होती है। गर्दन में अकड़न के कारण कपड़े पहनने में कठिनाई, झुकने में समस्या और काम करने के दौरान भी दर्द होता है।
4. कीड़े काटने की वजह से
कीड़े के काटने या डंक मारने के कारण भी मांसपेशियों में अकड़न हो सकती है। ये समस्या तब और बढ़ सकती है, जब कीट के काटने से संक्रमण फैलने लगे। इससे त्वचा में तेज दर्द, अकड़न, लाल चकत्ते और लालिमा आ सकती है। ऐसा मधुमक्खी, हौर्नेट्स, मकड़ी और मच्छरों के काटने से भी हो सकता है। अगर ये लक्षण कुछ दिनों में खत्म हो जाए, तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है लेकिन अगर ये लक्षण गंभीर होने लगे, तो आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
5. इंफेक्शन के कारण
संक्रमण के कारण भी आपके गर्दन में अकड़न की परेशानी हो सकती है। जैसे यह एक टेटनस से हो सकता है। यह एक बैक्टीरिया संक्रमण है, जो गंदगी और दूषित वातावरण के कारण हो सकता है। अन्य गंभीर संक्रमणों में एचआईवी, पोलियो, मोनोन्यूक्लिओसिस और इन्फ्लूएंजा या फ्लू की वजह से हो सकता है।
गर्दन के अकड़न को ठीक कैसे करें
गर्दन के अकड़न को ठीक करने के लिए आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए ताकि कोई गंभीर समस्या का सामना न करना पड़े। उसके बाद डॉक्टर आपकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार दवाएं दे सकते हैं। इसके लिए आपको डॉक्टर को अपनी पूरी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी देनी चाहिए। इसके अलावा आपको कुछ टेस्ट कराने की सलाह भी दी जाती है।
1. ब्लड टेस्ट
2. एक्स-रे
3. सीटी स्कैन
4. एमआरआई स्कैन
5. इलेक्ट्रोमोग्राफी
गर्दन में अकड़न के लिए घरेलू उपचार
1. गर्दन की अकड़न के लिए आप पहले कुछ दिनों तक दर्द वाले हिस्से पर बर्फ लगाएं। उसके बाद हीटिंग पैड, गर्म सेक या गर्म पानी से स्नान करके भी इसके लक्षणों को ठीक कर सकते हैं।
2. एक्सरसाइज और स्ट्रेचिंग की मदद से भी आप गर्दन की अकड़न को कम कर सकते हैं। इससे तेज दर्द में भी आराम मिल सकता है।
3. बहुत अधिक देर तक गर्दन को एक ही पोजिशन में रखकर न बैठें। उसे अगल-बगल और ऊपर-नीचे करें।
4. फोन को अपनी गर्दन और कंधे के बीच में रखकर बात करने से बचें।
5. रात को सोने से पहले गर्दन की हल्के हाथों से मालिश जरूर करें।
6. सोने के दौरान अपनी पोजिशन सही रखें और खास नेक पिलो का इस्तेमाल करें।
(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सभी जानकारियां सूचनात्मक उद्देश्य से लिखी गई हैं। इनमें से किसी भी सलाह पर अमल करने या किसी तरीके को अपनाने का फैसला आपका व्यक्तिगत निर्णय होगा। किसी भी निष्कर्ष तक पहुंचने से पहले कृपया किसी विशेषज्ञ से परामर्श जरूर करें।)
Published on:
18 Mar 2022 09:43 am
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