
डायबिटीज नहीं, फिर भी बढ़ रहा ब्लड शुगर लेवल? ये 5 वजहें हो सकती हैं जिम्मेदार
अगर आपको डायबिटीज नहीं है तो ब्लड शुगर लेवल बढ़ने के पीछे स्ट्रेस या कुछ और क्रोनिक समस्याएं हो सकती हैं। अगर आपका ब्लड शुगर लेवल कई दिनों तक बढ़ा रहता है तो आपके शरीर को किसी भी बीमारी से उबरने में दिक्कत होने लगती है और इन्फेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है। इतना ही नहीं, आपकी आंखों और किडनी जैसे अंगों को नुकसान पहुंच सकता है।
हाई ब्लड शुगर लेवल या हाइपरग्लाइसीमिया ऐसी कंडिशन है, जिसमें आपका फास्टिंग ग्लूकोज लेवल 100-125 mg/dL है और खाने के दो घंटे बाद का शुगर लेवल 180 mg/dL तक रहता है। समय के साथ बिगड़ता हुआ ब्लड शुगर लेवल हार्ट अटैक और स्ट्रोक के खतरे को भी बढ़ा देता है।
अब बात उन पांच वजहों की, जिसमें डायबिटीज न होने पर भी ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है
पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम
ये कंडिशन महिलाओं से जुड़ी हुई है। अमूमन बच्चा पैदा करने की उम्र में हॉर्मोन असंतुलन की वजह से कई तरह की दिक्कतें हो जाती हैं। महिलाओं में टेस्टोस्टेरोन हॉर्मोन बढ़ने लगता है। इंसुलिन और साइटोकिन भी तेजी से बनते हैं। भले ही ये इंसुलिन रेजिस्टेंट होते हैं लेकिन ये खून में मौजूद शुगर को एनर्जी में बदल नहीं पाते हैं। इससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है।
इन्फेक्शन
किसी भी प्रकार का इन्फेक्शन हमारे शरीर में स्ट्रेस हॉर्मोन कोर्टिसोल का लेवल बढ़ा देता है। ये हॉर्मोन इंसुलिन को हमारे खून के प्रवाह में मौजूद जरूरत से ज्यादा ग्लूकोज को निकालने की क्षमता को बाधित करता है, जिसका नतीजा ये होता है कि हमारा ब्लड शुगर लेवल लगातार बढ़ने लगता है।
स्ट्रेस
स्ट्रेस हमारे जीवन का हिस्सा बन चुका है। लाइफस्टाइल में बदलाव करके अगर जल्दी इसे कंट्रोल न किया गया तो इससे आपके शरीर में कोर्टिसोल और एड्रेनलिन जैसे हॉर्मोन का लेवल बढ़ सकता है। इस वजह से भी ब्लड शुगर लेवल बढ़ने लगता है। ऐसा इसलिए भी होता है क्योंकि जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक तनाव से गुजरता है तो उसे भावनात्मक रूप से परेशानी होती है और ये पूरी तरह से प्राकृतिक प्रतिक्रिया है, जो शरीर करता है।
दवाओं की वजह से
कुछ दवाएं जैसे डोपामाइन और नोरेपाइनफेराइन, इम्यूनिटी मजबूत करने वाली टैक्रोलिमुस, साइक्लोस्पोरिन और कोर्टिकोस्टेरॉयड आपके ब्लड में एंजाइम को एक्टिव कर देती हैं, जिसकी वजह से भी आपका ब्लड शुगर लेवल लगातार बढ़ता रहता है। दवाओं के कारण आपके शरीर को एनर्जी का उत्पादन करना मुश्किल हो जाता है और आप खुद को हर समय थका-थका हुआ महसूस करते हैं। समझने की बात ये है कि अगर शरीर में मौजूद ग्लूकोज एनर्जी में नहीं बदलता, तो इससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ने लगता है।
मोटापा
शरीर में मौजूद जरूरत से ज्यादा फैट टिशूज इंसुलिन के प्रति रेजिस्टेंट हो जाती हैं। इतना ही नहीं, इस वजह से ब्लड से ग्लूकोज निकालना भी मुश्किल हो जाता है और आपके शरीर को एनर्जी का उत्पादन करना मुश्किल हो जाता है। इसलिए मोटापा भी कहीं न कहीं ब्लड शुगर लेवल बढ़ने के पीछे जिम्मेदार है।
(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सभी जानकारियां सूचनात्मक उद्देश्य से लिखी गई हैं। इनमें से किसी भी सलाह पर अमल करने या किसी तरीके को अपनाने का फैसला आपका व्यक्तिगत निर्णय होगा। किसी भी निष्कर्ष तक पहुंचने से पहले कृपया किसी विशेषज्ञ से परामर्श जरूर करें।)
Published on:
18 Mar 2022 06:36 am
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