
शरीर में विषैले तत्त्वों के इकट्ठा होने, जोड़ों में यूरिक एसिड के लगातार जमने, कैमिकल्स से पकाई गई सब्जियों को भोजन में शामिल करने, अत्यधिक तनाव, उठने-बैठने के गलत तरीके आदि से घुटनों में दर्द की समस्या आम है। यह शारीरिक कमजोरी का रोग है जिससे केवल उम्रदराज लोग ही नहीं बल्कि युवा भी पीडि़त हो रहे हैं।
लक्षण: मरीज को तेज दर्द, जकडऩ, अंग के आसपास सूजन, कड़कड़ाहट की आवाज, चलने में परेशानी और सूजन के कारण त्वचा पर गहरे रंग के धब्बे दिखने जैसी दिक्कत होती है। समय रहते इलाज न लेने पर वेरिकोज वेंस की दिक्कत हो सकती है। इसमें पैरों की नसें फूलने लगती हैं।
उपचार: घुटनों के सामने मौजूद चारों बिन्दुओं और दाएं व बाएं वाले हिस्से के पॉइंट्स पर प्रेशर दें। घुटने के जोड़ के पिछले वाले भाग में स्थित दो बिंदुओं पर दबाव बनाने से आराम मिलता है। इसके अलावा एड़ी के पास यानी तलवे पर स्थित तीन बिंदुओं पर प्रेशर बनाते रहना चाहिए।
कब करें : रोजाना 3-4 बार बिंदुओं पर 4-4 मिनट के लिए बिंदुओं को दबाने से आराम मिलता है।
डॉ अंजली स्वामी, एक्यूप्रेशर विशेषज्ञ
Published on:
26 Aug 2016 08:23 pm
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