27 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इन आयुर्वेदिक औषधियों से मुंह का छाला होता छू मंतर

मुंह के छालों से आराम के लिए आयुर्वेदिक उपचार रामबाण है। समय रहते डॉक्टरी सलाह के आधार पर आयुर्वेदिक औषधियों का प्रयोग करना चाहिए।

less than 1 minute read
Google source verification
mouth ulcer, ayurveda

मुंह के छालों का इलाज कारण के आधार पर होता है। मुंह के छालों से परेशान मरीज त्रिफला, चमेली का पत्ता और मुनक्का को शहद के साथ मिलाकर काढ़ा बनाकर मुंह को साफ करे तो समस्या से निजात मिल सकती है। शुद्ध टंकण और शुभ्रा भस्म एक गिलास पानी में मिलकार गरारा किया जाए तो राहत मिल सकती है। इसके साथ ही दारू हरिब्रिया में स्फटिक मिलाकर मुंह का कुल्ला किया जाए तो छाले खत्म हो सकते हैं।

ये पत्ते रोग को करते दूर

चमेली, आम, जामुन के पत्ते को चबाने से छाले खत्म हो जाते हैं। पपीता, मुनक्का, जौ, चावल, आंवला, पटोल खाने से पाचन क्रिया ठीक रहती है जिससे छाला होने का खतरा बहुत अधिक कम हो जाता है। मुंह में छाले हो रहे हैं तो कभी भी बिना डॉक्टरी सलाह के किसी दवा का प्रयोग नहीं करना चाहिए। इससे तकलीफ ठीक होने की बजाए बढ़ सकती है। मुंह में छाले होने पर लोग अक्सर घरेलू उपचार शुरू कर देते हैं जो आज के समय में सेहत के लिए नुकसानदायक होता है। बच्चों में ये तकलीफ हो रही है तो जल्द से जल्द डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

कम नींद भी मुंह के छालों की वजह

नींद पूरी न होन की वजह से पाचन क्रिया खराब होती है और कब्ज अर्जीण की समस्या उभर कर सामने आती है। इस वजह से भी मुंह में छाले बनते हैं। ऐसा होने पर पेट साफ रहे इसके लिए त्रिफला चूर्ण एक चम्मच रात को साते समय लेना चाहिए जिससे बीमारी दूर रहेगी।

ये सावधानी बरतेंगे तो नहीं होगी तकलीफ

डॉ. निरमा बंसल, आयुर्वेद विशेषज्ञ