
Ayurvedic remedies can reduce the risk of heart attack
Ayurvedic Remedies of Heart Attack : आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉक्टर अर्जुन राज ने बताया कि सीने में बेचैनी और दर्द , अचानक ठंडा पसीना आना, गर्दन जबड़े और कंधे में दर्द, थकान और चक्कर आना आदि हार्ट अटैक (Heart Attack) के लक्षण होते हैं । खट्टी डकार दिल की घबराहट छाती में दबा महसूस होना सांस की तकलीफ। हार्ट अटैक की सबसे बड़ी वजह है। उच्च कोलेस्ट्रॉल उच्च रक्तचाप मधुमेह मोटापा, जेनेटिक्स कारण और जीवन में तनाव हो सकता है।
डॉक्टर अर्जुन राज के कहा तंबाकू का अत्यधिक सेवन, तला हुआ भोजन, पैकेट भोजन आदि भी हार्ड अटैक (Heart Attack) आने के कारण हो सकते हैं। हार्ट अटैक से बचने के लिए तंबाकू उत्पादों से बचे अपना वजन कम करें, योग, व्यायाम और अच्छी नींद लें ।
तरबूज के बीज और पानी: आयुर्वेद के अनुसार, सूखे तरबूज के बीजों को सामान्य पानी में मिलाकर पीना एक अच्छा घरेलू उपाय हो सकता है।
तुलसी और नीम के पत्ते: तुलसी और नीम (मार्गोसा) के पत्तों को सुखाकर पाउडर बना लें और नियमित रूप से सेवन करें।
लहसुन-अदरक मिश्रण: लहसुन की कली और अदरक के छोटे टुकड़े को काली मिर्च और नमक के साथ मिलाकर चाय की पत्तियों के साथ उबालें। इसे छानकर रोजाना सेवन करें।
लहसुन और जैतून का तेल: एक लहसुन की कली में एक चम्मच जैतून का तेल मिलाकर खाएं।
अदरक, लहसुन और नींबू काढ़ा: अदरक, लहसुन और नींबू को अच्छे से पीसकर पानी में उबालें, फिर उसमें नींबू निचोड़ लें। इस काढ़े का नियमित सेवन करें, यह हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है।
अस्वीकरण: यह सामग्री और इसमें दी गई सलाह केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी योग्य चिकित्सकीय सलाह का स्थान नहीं लेती। हमेशा अधिक जानकारी के लिए किसी विशेषज्ञ या अपने डॉक्टर से परामर्श करें। patrika.com इस जानकारी के लिए कोई जिम्मेदारी नहीं लेता है।
Updated on:
29 Jan 2025 06:05 pm
Published on:
29 Jan 2025 06:05 pm
