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स्वास्थ्य

डोर-टू-डोर सर्वेक्षण के लिए बीबीएमपी ने कसी कमर

हर 15 दिनों में कम-से-कम 12-14 लाख घरों तक पहुंचने का लक्ष्य है। इस दौरान लार्वा के आवासों की पहचान कर नष्ट किया जाएगा। लोगों को जागरूक किया जाएगा और बुखार fever के मरीजों को जांच के लिए नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में जाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

बैंगलोरJun 27, 2024 / 12:45 pm

Nikhil Kumar

-घरों की पहचान कर लार्वा Larva को खत्म करने के निर्देश

-डेंगू का डंक

Bengaluru में बढ़ते डेंगू Dengue के प्रसार को रोकने के लिए बृहद बेंगलूरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) ने कमर कस ली है। लार्वा परीक्षण और नागरिकों के बीच जागरूकता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए डोर-टू-डोर सर्वेक्षण door to door survey होगा।
बीबीएमपी के मुख्य आयुक्त तुषार गिरि नाथ ने बुधवार को अधिकारियों के साथ बैठक के बाद यह बात कही। मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने मंगलवार को ही स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडूराव व संबंधित अधिकारियों के साथ हुई बैठक में इसके निर्देश दिए थे। राज्य में डेंगू के कुल 5,374 मामले दर्ज हुए हैं जबकि पांच मौतें हुई हैं। बेंगलूरु, चिकमंगलूरु, मैसूरु, हावेरी, शिवमोग्गा, चित्रदुर्ग, दक्षिण कन्नड़ जिलों से अधिक मामले सामने आए हैं।

25 लाख शहरी गरीबों की पहचान

मुख्य आयुक्त ने कहा कि सभी बीबीएमपी BBMP क्षेत्रों में सर्वेक्षण के लिए घनी आबादी और निचले इलाकों में रहने वाले लगभग 25 लाख शहरी गरीबों की पहचान की गई है। स्वास्थ्य निरीक्षकों, आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, नर्सिंग कॉलेज के छात्रों, एनएसएस स्वयंसेवकों को 1,000 घरों को कवर करने वाला एक ब्लॉक बनाने का निर्देश दिया जाएगा।

12-14 लाख घरों तक पहुंचने का लक्ष्य

हर 15 दिनों में कम-से-कम 12-14 लाख घरों तक पहुंचने का लक्ष्य है। इस दौरान लार्वा के आवासों की पहचान कर नष्ट किया जाएगा। लोगों को जागरूक किया जाएगा और बुखार fever के मरीजों को जांच के लिए नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में जाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। अधिकारियों को घर-घर जाकर व्यापक सर्वेक्षण करने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।

प्रत्येक पीएचसी को 2,000-3,000 किट

उन्होंने कहा कि बेंगलूरु शहरी जिले में इस वर्ष जनवरी से जून तक डेंगू के 1,230 मामले सामने आए हैं। यह पिछले साल जून तक दर्ज किए गए 730 मामलों से ज्यादा है। कर्नाटक ड्रग्स एंड लॉजिस्टिक्स सोसाइटी से NS1 टेस्ट किट खरीद जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा। बीबीएमपी सीमा के तहत सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में लगभग 38,000 किट वितरित किए जाएंगे। प्रत्येक पीएचसी को 2,000-3,000 किट मिलेंगे।
माइक्रो-प्लान तैयार

मुख्य आयुक्त के अनुसार महादेवपुर में डेंगू के सबसे ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं। डेंगू के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए जोन-वार माइक्रो-प्लान बनाया गया है। शहर में रुक-रुक कर हो रही बारिश rain के कारण मच्छरों का प्रजनन बढ़ गया है। घर-घर निरीक्षण के अलावा जल जमाव वाले क्षेत्रों की पहचान करने और उन्हें रोकने के लिए बागवानी विभाग, वन विभाग, ठोस अपशिष्ट, बड़े जल निकासी, सड़क अवसंरचना प्रभाग और अन्य विभागों के साथ समन्वय किया जाएगा।
डेंगू के मामलों का क्षेत्रवार विवरण (जनवरी 2024 से)
बोम्मनहल्ली – 122
पूर्व – 218
महादेवपुर – 386
आर.आर. नगर – 75
दक्षिण – 190
पश्चिम – 141
यलहंका – 90
दासरहल्ली – 08

वर्ष – मामले
2019 – 9,434
2020 – 1,127
2021 – 1,629
2022 – 2,335
2023 – 11,136
2024 – 1,230 (जनवरी से जून 2024)

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