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सुबह खाली पेट पानी पीने के फायदे ही फायदे

सुबह के समय खाली पेट पानी पीना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद साबित होता है। रोजाना सुबह के समय पानी पीएंगे तो शरीर में पूरे दिन ताजगी बनी रहेगी और मन भी स्वस्थ रहेगा।

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जयपुर

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Jaya Sharma

Dec 26, 2023

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सुबह खाली पेट पानी पीने के फायदे को लेकर कई शोध हो चुके हैं। शोध बताता है कि जो लोग कैफीन व कार्ब्स जैसे चाय, कॉफी या सॉफ्ट ड्रिंक्स पीते हैं, उनका खून गाढा होता है, जबकि जो लोग सुबह के समय सिर्फ पानी पीते हैं उनका खून सामान्य रहता है। हृदय रोगों का जोखिम बढ़ने लगा था जबकि पानी पीने वाले सामान्य थे।

हार्मोन्स व एजाइम्स का मूल आधार तत्त्व जल
शरीर में जितने भी हार्मोन्स व एजाइम्स होते हैं, उनका मूल आधार तत्त्व जल है। अपने चिकित्सा शास्त्रों में सुबह उठने के बाद जलपान की बात कही गई है। जब हम रात में सो रहे होते हैं तो उपवास होता है। सुबह फास्ट को ब्रेक करते हैं। ब्रेक फास्ट को अपने यहां जलपान कहा गया है। इसका अर्थ है कि बिना कुछ खाए-पीएं, खाली पेट पानी पीएं न कि समोसा-कचौरीपान आदि खाएं। चाय-कॉफी पीना है तो कुछ खाने के बाद ही पीएं।

कब्ज सभी रोगों का जड़
पानी की कमी से कब्ज सबसे पहले होता है। आयुर्वेद के अनुसार कब्ज सभी रोगों का जड़ है। पानी की कमी से यूरिन में जलन, यूटीआइ का संक्रमण, सांसों में बदबू, त्वचा में समस्या आदि। शरीर में चार प्रमुख तंत्र हैं जो शरीर की सफाई करते हैं। सफाई का काम जल ही करता है। पाखाना, पेशाब, पसीना और प्रश्वास। इनसे शरीर के विकार बाहर निकलते हैं। पानी शरीर के तापमान को भी नियंत्रित करता है। सर्दी के मौसम में दो लीटर जबकि गर्मी में ढाई-तीन लीटर तक पानी जरूर पीते हैं।

जल चिकित्सा के रूप
प्राकृतिक चिकित्सा के अनुसार जल चिकित्सा 108 तरीके से की जाती है। इसमें स्टीम, यौगिक हाइड्रोथैरेपी, कुंजल क्रिया, सोना बाथ, जलनेति आदि। कुंजल क्रिया तो हाथियों को देखकर शुरू किया गया था। यह आंतों की पूरी से सफाई करता है। वहीं जलनेति मेंटल हैल्थ से लेकर साइनस और ब्रोंकाइटिस में भी राहत दिलाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन भी आइस थैरेपी को कारगर मानता है।

मानसिक सेहत व खुशियों से जुड़ा है जल
ताजगी का प्रमुख स्रोत जल है। इसलिए कहीं जाने से पहले और आने के बाद पानी पिलाने की परंपरा है। परीक्षा देने जाते समय पानी पिलाकर भेजते हैं। इससे याद्दाश्त बेहतर होती है। मानसिक सेहत ठीक रहती है। डिहाइड्रेशन में पहले असर दिमाग पर ही पड़ता है। इससे घबराहट, चिड़चिड़ापन और शरीर में अकड़न-जकड़न बढ़ती है। इसलिए हर उम्र में पर्याप्त पानी पीना जरूरी है।