
कई अध्ययनों से साबित हुआ है सूरजमुखी के बीच इसे नियंत्रण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
डायबिटीज मेलिटस (डीएम) एक मेटाबोलिक सिंड्रोम है जो नस्ल और जातीय समूहों के भेदभाव के बिना दुनिया भर में एक महामारी की तरह फैल रहा है और दुनिया भर में मौत का कारण बन गया है। यह रक्त में ग्लूकोज के उच्च स्तर को बताता है। लोग टाइप वन और टाइप टू डायबिटीज के शिकार हो रहे हैं। डायबिटीज मेलिटस को दवाओं के माध्यम से नियंत्रित किया जाता है लेकिन कई अध्ययनों से साबित हुआ है सूरजमुखी के बीच इसे नियंत्रण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
इनमें होता है बायोएक्टिव घटक
इन बीजों में बायोएक्टिव घटक होते हैं, जैसे सूरजमुखी के बीजों में क्लोरोजेनिक एसिड और सेकोइसोलारिसिनॉल डिग्लुकोसॉइड जो है, जो इंसुलिन उत्पादन के उपचार में शामिल हैं। विभिन्न अध्ययनों में चूहों और मनुष्यो द्वारा इन बीजों के अर्क की अलग-अलग मात्रा का सेवन किया गया और इसके परिणामस्वरूप बेहतर ग्लाइसेमिक नियंत्रण हुआ, जिससे यह पता चला कि ये बीज डायबिटीज के खिलाफ काम करते हैं।
बीजों का नुकसान नहीं
भोजन और उसके अर्क के सेवन से विभिन्न रोगों का इलाज करने पर रासायनिक रूप से तैयार दवाओं की तुलना में कम दुष्प्रभाव होते हैं। ये खाद्य पदार्थ मधुमेह जैसी बीमारी की गंभीरता को कम और इलाज कर सकते हैं। टाइप 2 मधुमेह के इलाज के लिए विभिन्न बीजों जैसे सूरजमुखी के बीज, सन बीज, या कद्दू के बीज का उपयोग किया जाता है। बीजों में अन्य बायोएक्टिव यौगिकों के साथ-साथ विभिन्न सूक्ष्म और मैक्रोन्यूट्रिएंट्स होते हैं जो ग्लूकोज और इंसुलिन चयापचय में भूमिका निभाते हैं
सूरजमुखी के बीज के अर्क का प्रभाव
सूरजमुखी के बीजों में फाइबर, प्रोटीन, असंतृप्त वसा, सेलेनियम, तांबा, जस्ता, लोहा, विटामिन ई जैसे अत्यधिक पौष्टिक गुण होते हैं और कई अन्य पोषक तत्व, एंटीऑक्सिडेंट, खनिज और विटामिन होते हैं जो बीमारियों के इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। क्लोरोजेनिक एसिड, क्विनिक एसिड, कैफिक एसिड, ग्लाइकोसाइड्स और फाइटोस्टेरॉल की उपस्थिति के कारण इस बीज में डायबिटीज विरोधी गुण होते हैं।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
09 Dec 2023 12:08 pm
Published on:
08 Dec 2023 12:21 pm

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