
milk
दूध को यूं ही सेहत का खजाना नहीं कहा गया है। जो लोग नियमित दूध का सेवन करते हैं, उन्हें कमजोरी का कभी अहसास नहीं होता है। गांवों में आज भी लोग गाय का कच्चे दूध का सेवन करना पसंद करते हैं। यदि कोई बच्चा शरीरिक रूप से कमजोर है, तो उसे लगातार छह माह तक गाय का कच्चा ताजा दूध पिला दें, तो उसकी कमजोरी छूमंतर हो जाएगी। इसमें कोई दोराय नहीं कि अकेले दूध में ही बहुत पौष्टिकता होती है, लेकिन यदि इसमें कुछ चीजों के मिलाने के बाद सेवन किया जाए, तो इसकी पौष्टिकता दुगुनी हो जाती है यानी दूध का असर दुगुना बढ़ जाता है। यहां हम ऐसी पांच ऐसी चीजों के बारे में बता रहे हैं, जो दूध के साथ मिलाकर पीने से असर दुगुना हो जाता है और ये दूध पुरुषों के लिए रामबाण है, खासकर वो पुरुष, जो शरीरिक व मानसिक रूप से खूद को कमजोर पाते हैं। इस दूध का असर महज 7 दिन में दिखाई पड़ जाएगा।
बादाम दूध
प्रोटीन, फाइबर व मिनरल्स से भरपूर है बादाम वाला और दूध।
ऐसे बनाएं बादाम वाला दूध...
एक पाव दूध में 6 बारीक पिसे बादाम व चीनी के साथ इलायची को उबालकर रोज पीएं।
फायदा...
इससे बुखार व पीलिया के बाद की कमजोरी दूर होगी और मांसपेशियां भी मजबूत होंगी। इसके साथ यह याद्दाश्त में सुधार के साथ आंतों, आंखों, पेट व गले में जलन और सूखी खांसी में भी फायदेमंद है। दस्त, भूख न लगने पर इसे न लें।
हल्दीवाला-दूध
इसे हम महाऔषधि वाला दूध भी कह सकते हैं, क्योंकि हल्दी में विटामिन-ए, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट के साथ-साथ एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-सेप्टिक गुण होते हैं। यह प्राकृतिक पेन किलर भी है।
ऐसे बनाएं हल्दी वाला दूध...
एक पाव दूध में एक चौथाई चम्मच हल्दी और चीनी डालकर उबालें, इसका सेवन दिन में एक बार करें।
फायदा...
इसके सेवन से पुराने जुकाम, कफ के साथ खांसी, गले में एलर्जी, चोट में दर्द या सूजन, खुजली, दिल की समस्यायें, फेफड़े की बीमारियां, त्वचा की समस्यायें, यूरिन और लिवर संबंधी समस्यायें आदि दूर होती हैं। इसका सेवन डायबिटीज के रोगी भी बिना शुगर के कर सकते हैं।
केलेवाला दूध
अक्सर लोगों को दूध और केले का सेवन करते देखा जा सकता है। आमतौर पर इसका सेवन वजन बढ़ाने के लिए किया जाता है। लेकिन इसके सेवन से और भी कई फायदे हैं। यह मांसवर्धक है और बीमारी के बाद की कमजोरी व थकान को दूर कर शरीर को एनर्जी देता है। इसके अलावा यह हड्डियों व मांसपेशियों को मजबूत भी बनाता है।
ऐसे बनाएं केलेवाला दूध...
कम से कम 2 केले। एक पाव दूध के साथ शेक बनाकर रोजाना सुबह इसका सेवन करें। इसका सेवन न सिर्फ शरीरिक दुर्बलता को दूर करेगा, बल्कि हमेशा एनर्जेटिक बनाए रखेगा। जिन्हें कब्ज, अधिक कॉलेस्ट्रॉल और कफ की समस्या है वे लोग इसका सेवन न करें।
मुनक्कावाला दूध
ग्लूकोज और विटामिन्स से भरपूर है मुनक्कावाला दूध।
ऐसे बनाएं मुनक्कावाला दूध ...
एक पाव दूध में दस मुनक्कों (बीज निकाल लें) को उबालें। महीने में 10-15 दिन केवल रात के समय इसका सेवन करें। इससे खूनी बवासीर, गले व यूरीन में जलन, आंखों में जलन व रेडनेस, दिमाग की कमजोरी, बुखार व कब्ज में लाभदायक है। इसके साथ शरीर में दर्द, स्नायुतंत्र में गड़बड़ी, पैरों में ऐंठन और नकसीर जैसी समस्याओं में यह लाभकारी है। मधुमेह और दमा के मरीज और कफ के साथ खांसी होने पर इसका सेवन न करें।
शहदवाला दूध
विटामिन ए, बी व डी और कैल्शियम से भरपूर होता है शहदवाला दूध। यह एंटी-एलर्जिक, एंटीफंगल, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेट्री गुणों से भरपूर होता है।
ऐसे बनाएं शहदवाला दूध...
एक पाव दूध में दो चम्मच शहद मिलाकर रोज एक बार पीएं। इससे खून साफ होता है, प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, लीवर संबंधी समस्यायें दूर होती हैं और तनाव भी दूर होता है। मधुमेह रोगी जिनको नकसीर की समस्या हो, वे इसका सेवन न करें।
Published on:
14 Sept 2018 06:47 pm
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