
E.coli Bacteria (photo- gemini ai)
E.coli Bacteria: इंदौर में पानी दूषित होने की घटना के बाद अब मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से भी चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। भोपाल के चार इलाकों में ग्राउंडवॉटर में E.coli बैक्टीरिया पाया गया है। इसके बाद भोपाल नगर निगम (BMC) ने साफ निर्देश दिए हैं कि इन इलाकों में जमीन के नीचे का पानी इस्तेमाल न किया जाए। हालांकि निगम का कहना है कि शहर की ट्रीटेड पाइपलाइन से आने वाला पानी सुरक्षित है और उस पर इसका असर नहीं पड़ा है।
नगर निगम ने पूरे शहर में अब तक 1,810 पानी के सैंपल जांचे हैं और टीम लगातार अलग-अलग इलाकों में पानी की क्वालिटी चेक कर रही है। इंदौर में इसी E.coli बैक्टीरिया से दूषित पानी पीने की वजह से 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक 5 महीने का बच्चा भी शामिल था। ऐसे में भोपाल के लोग काफी डरे हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक कई इलाकों में लोग पानी को हाथ तक लगाने से डर रहे हैं। न तो पीने लायक है, न हाथ धोने, बर्तन साफ करने या नहाने के लिए सुरक्षित माना जा रहा है। कुछ जगहों पर नल से आने वाला पानी कुछ ही मिनटों में लाल पड़ जाता है और बदबू भी बहुत तेज़ होती है। इसमें आयरन की मात्रा भी तय सीमा से 100 गुना ज्यादा पाई गई है।
E.coli (Escherichia coli) बैक्टीरिया का एक समूह है, जो आमतौर पर इंसानों और जानवरों की आंतों में पाया जाता है। जो E.coli हमारे पाचन तंत्र में रहता है, वह आमतौर पर नुकसान नहीं पहुंचाता। लेकिन इसके कुछ खतरनाक प्रकार ऐसे होते हैं, जो शरीर में पहुंचकर टॉक्सिन छोड़ते हैं और बीमारी पैदा करते हैं।
जब हानिकारक E.coli शरीर में चला जाता है, तो उसे E.coli संक्रमण कहा जाता है। इससे पेट में तेज़ दर्द, दस्त, उल्टी और गैस्ट्रोएंटेराइटिस जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ मामलों में यह यूरिन इंफेक्शन भी पैदा कर सकता है। खास तरह के E.coli, जो शिगा टॉक्सिन बनाते हैं, किडनी को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।
E.coli संक्रमण के आम लक्षण इस तरह हो सकते हैं
E.coli से बचने के लिए साफ-सफाई और सही खान-पान बेहद जरूरी है।
सेहत के लिहाज से पानी की शुद्धता बेहद जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही गंभीर बीमारी की वजह बन सकती है।
Published on:
12 Jan 2026 12:51 pm
बड़ी खबरें
View Allस्वास्थ्य
ट्रेंडिंग
लाइफस्टाइल
