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Bacho ko Kabj ho to kya kare: कब्ज में बच्चों को खिलाएं किचन की ये 4 चीजें, कब्ज की समस्या होगी दूर

आजकल वैसे भी बच्चों का रूटीन इतना भागमभाग भरा हो गया है कि उन्हें ठीक से खाने-पीने का वक्त ही नहीं मिलता है और जितना मिलता है उसमें वे जंक फूड और बाहर की चीजें खाना ज्यादा पसंद करते हैं, ऐसे में कब्ज (Constipation) की समस्या होना बहुत ही आम बात है।

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Children Constipation Home Remedies: बच्चे जब छोटे होते हैं तो हेल्दी चीजें खाने से दूर भागते हैं। आजकल वैसे भी बच्चों का रूटीन इतना भागमभाग भरा हो गया है कि उन्हें ठीक से खाने-पीने का वक्त ही नहीं मिलता है और जितना मिलता है उसमें वे जंक फूड और बाहर की चीजें खाना ज्यादा पसंद करते हैं, ऐसे में कब्ज (Constipation) की समस्या होना बहुत ही आम बात है।

कब्ज के दौरान बच्चों को पेट में दर्द और ऐंठन महसूस होती है, कई बार तो मां-बाप को समझ नहीं आता कि आखिर हुआ क्या है, बच्चों को खाना हजम नहीं हो रहा, उनके मोशन टाइट हो रहे हैं, बच्चे स्कूल जाने से पहले घंटों बाथरूम में बिताते हैं, कई बार तो 4 दिन तक स्टूल नहीं आता और बच्चों की भूख कम हो जाती है। आंतों में खाना चिपक जाता है और पेट फूलने भी लगता है तब उसे कब्ज की दिक्कत होती है, इसके पीछे कोई उम्र या एक कारण नहीं है। पेट या लीवर की समस्या, पानी कम पीना, अस्वस्थ्य खाना खाना, तली हुई चीजों का सेवन, मैदा या जंक फूड पेट में जल्दी से हजम नहीं हो पाते, ऐसे में वे अंदर की गंदगी बनकर जमा होने लगते हैं और फिर स्टूल पास करने में दिक्कत होती है।

पेट में दर्द, पेट टाइट हो जाना
स्टूल पास नहीं होना
सिर में दर्द
मल त्याग करने में दिक्कत होना
बदहजमी
पैरों में दर्द
पेट में गैस या एसिडिटी

क्या कहते हैं डॉक्टर

इस विषय पर जब हमने आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉक्टर रमाकांत द्विवेदी से बात की तो उन्होंने कहा कि जिन बच्चों की जठाग्नि बचपन से ही मंद होती है, उनकी पाचन क्रिया धीमी होती है और मल त्याग करने में दिक्कत आती है, अगर ऐसा है तो इसमें घी या तेल की मालिश बहुत ही कारगर है, पेट या नाभि के आसपास क्लॉक वाइस मालिश करने से आंतें खुलती हैं और स्टूल ढीला होता है, इसके अलावा नींबू और शहद का गुनगुना पानी भी दे सकते हैं और साथ में कई बार सिकाई भी बहुत काम आती है। उन्होंने कहा कि बच्चे ज्यादा कुछ करना या खाना नहीं चाहते, ऐसे में पेरेंट्स को ही उपाय अपनाने होते हैं। उन्होंने कुछ और उपाय भी बताएं, जो इस प्रकार हैं

केला और दूध

अगर आप रोजाना बच्चे को हल्का गुनगुना दूध देती हैं तो उसे कब्ज से राहत मिलेगी और साथ में एक केला भी उसमें मिलाकर दे दें, इससे उसका पेट साफ होगा

हल्दी और शहद

हल्दी तो सब्जियों में दी जाती है लेकिन अगर दूध में हल्दी डालकर बच्चे को पिलाया जाए या फिर शहद तो पेट साफ होगा और स्टूल भी आसानी से हो जाएगा

हरी सब्जियां और रस वाले फल

बच्चों को सुबह या फिर लंच में एक कटोरी भरकर सलाद या फिर फल दें, जैसे चुकंदर, ब्रोकोली, गाजर, मक्का, ब्रसेल्स स्प्राउट्स, इसके साथ ही उनके खाने में जितना हो सके हरी सब्जियां दें जैसे पालक, हरी मटर, हरी बीन्स, तोरई, लौकी, फल में-एवोकैडो, पपीता, सेब, खजूर, नाशपाती, कीवी, संतरा, ब्लैकबेरी, रसभरी, स्ट्रॉबेरी और किशमिश आदि जैसे हेल्दी फूड दें।

फाइबर से भरपूर आहार

ओट्स, अलग अलग मिलेट्स की रोटियां, सूप, इसबगोल इन चीजों में काफी मात्रा में फाइबर उपलब्ध है, बच्चों के डाइट में इसे शामिल करें

अंजीर और बादाम

रोजाना सुबह भिगोई हुई अंजीर या बादाम दूध में मिलाकर या फिर ऐसे ही बच्चों को दे सकते हैं, आप चाहें तो अंजीर को उबाल कर दे सकते हैं, इससे कब्ज में राहत मिलेगी।

त्रिफला

बच्चों को रात में त्रिफला का चूरन पानी के साथ देने से उनका पेट साफ होगा और पाचन क्रिया अच्छी होगी, इसके अलावा इसबगोल एक आम उपाय है।

किन बातों का रखें ध्यान

बच्चों से फीजिकल एक्टिविटी या एक्सरसाइज कराएं: एक्सरसाइज करने से डाइजेशन में मदद मिलती है और बिना किसी दिक्कत के पेट आराम से साफ होता है, बच्चे के लिए रोजाना कम से कम 30 मिनट तक कोई फीजिकल एक्टिविटी या एक्सरसाइज करना जरूरी है। जैसे, चलना, खेलना, योग, दौड़ना, डांस या एरोबिक्स करवा सकते हैं

दूध या डेयरी प्रोडक्ट्स से थोड़ा दूर रहें, मैदा, बाहर की चीजें, तेल, पिज्जा बर्गर ये सारी चीजें पेट में जाकर आंतों में फंस जाती है, इन चीजों से दूर रहें

खाने में ज्यादा फैट ना दें, हो सके तो विटामिन युक्त भोजन ही दें

अगर लंबे समय तक ये समस्या बनी रहती है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें