स्वास्थ्य

Chipkali Bite Treatment: क्या सच में छिपकली के काटने से जान जा सकती हैं? एक्सपर्ट ने किया बड़ा खुलासा

Chipkali Bite Treatment: क्या छिपकली के काटने से वाकई मौत हो सकती है? सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर Murliwale Hausla ने इस आम धारणा पर तोड़ी चुप्पी है। जानिए एक्सपर्ट की नजर में क्या है सच्चाई।

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Jun 19, 2025
Lizard Bite Cause Death प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो क्रेडिट- पत्रिका)

Chipkali Bite Treatment: हमारे घरों में अक्सर दीवारों पर चलती छिपकली नजर आ जाती है। इसे गांव में 'बिस्तुइया' भी कहा जाता है। ये छोटी-सी छिपकली दिखने में चाहे जितनी भी डरावनी लगे, लेकिन असल में ये हमारे घर की सफाई में मदद करती है। यह मक्खी, मच्छर और छोटे कीड़े-मकोड़ों को खाकर उन्हें खत्म कर देती है। लेकिन छिपकली को लेकर एक बड़ा भ्रम लोगों के बीच फैला हुआ है- क्या इसके काटने से मौत हो सकती है? इस सवाल का जवाब दिया है सोशल मीडिया पर फेमस Murliwale Hausla ने, जिनके इंस्टाग्राम पर 3 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स हैं।

छिपकली के काटने से मौत नहीं होती

Murliwale Hausla ने अपने वीडियो में बताया कि भारत में यह एक बड़ा अंधविश्वास है कि छिपकली के काटने से इंसान की मौत हो सकती है, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। उन्होंने कहा कि छिपकली के शरीर में ऐसा कोई जहर नहीं होता जिससे जान को खतरा हो। हां, इसके काटने से हल्का घाव हो सकता है, लेकिन वह जानलेवा नहीं होता। डर की वजह से कुछ लोग घबरा जाते हैं, लेकिन सच यह है कि इससे कोई गंभीर खतरा नहीं होता।

साल्मोनेला और बैक्टीरिया से हो सकता है नुकसान

हालांकि छिपकली का शरीर बिल्कुल साफ नहीं होता। एक्सपर्ट बताते हैं कि इसकी त्वचा पर साल्मोनेला नाम का बैक्टीरिया हो सकता है। यह बैक्टीरिया अगर इंसान के शरीर में चला जाए तो वह गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है। इसके अलावा छिपकली के शरीर पर बहुत सारी गंदगी और बैक्टीरिया चिपके रहते हैं। अगर गलती से यह आपके खाने में गिर जाए तो फूड पॉइजनिंग, पेट में दर्द और उल्टी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए छिपकली से डरने की नहीं बल्कि साफ-सफाई रखने की जरूरत है।

काटने पर क्या करें?

अगर किसी को छिपकली काट ले तो घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। Murliwale Hausla कहते हैं कि इसे मानसिक भ्रम से जोड़ कर नहीं देखना चाहिए। इसके काटने पर घाव को साफ पानी से धो लें और अगर जरूरी लगे तो टिटनेस का इंजेक्शन ले लें। यह केवल एहतियात के तौर पर लिया जा सकता हैं।

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