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कब्ज में आजमाएं ये अचूक उपाय, नहीं आएगी ऑपरेशन की नौबत

हार्ड मोशन ही मल के रास्ते में जख्म करके पाइल्स, फिशर व फिस्टुला जैसी परेशानी की वजह बनता है।

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Sangeeta Chaturvedi

Mar 11, 2016


हार्ड मोशन ही मल के रास्ते में जख्म करके पाइल्स, फिशर व फिस्टुला जैसी परेशानी की वजह बनता है।


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सुबह एक या दो बार में पेट साफ न होना, स्टूल पास करने के लिए जोर लगाना या स्टूल सख्त आना, दिनभर पेट साफ न होने जैसा महसूस होना कब्ज से जुड़ी समस्याएं हैं। यह तकलीफ बनी रहे तो ऑपरेशन भी कराना पड़ सकता है। कुछ उपाय अपनाकर इस समस्या में आराम पा सकते हैं।


एक लीटर पानी :
सुबह उठकर 1 लीटर पानी (गुनगुना या सामान्य) पिएं फिर थोड़ी देर घूमें। इच्छा होने पर ही फ्रेश होने जाएं। सुबह चाय पीने की आदत है तो ले सकते हैं।


टॉयलेट में बैठे न रहें :
पूरी इच्छा होने पर टॉयलेट जाएंगे तो 70 प्रतिशत पेट साफ होगा। डेढ़-दो मिनट से ज्यादा टॉयलेट में न बैठें। यह आदत भी पाइल्स व फिशर की वजह बन सकती है।




लंबी सांस लें, पेट को दबाएं :
पेट साफ करने के लिए जोर न लगाएंं। आसानी से स्टूल पास करने के लिए लंबी सांस लेकर पेट को अंदर की ओर दबाएं। एक तरह से कपालभाती की तरह लंबी सांस लेकर बाहर की तरफ छोडें। ऐसा 10-15 बार कर सकते हैं।


जंकफूड लें तो ज्यादा पानी :
इसमें मौजूद मैदा कब्ज बढ़ाती है। कभी खा भी लें तो साथ में ज्यादा पानी पिएं, यह कब्ज से बचाएगा।


ठंडा-गर्म सेंक :
हार्ड मोशन की रगड़ से मल त्याग के रास्ते में घाव बनने को फिशर, नसों के फूलने को पाइल्स व बाहर पस आने व नासूर बनने को फिस्टुला कहते हैं। इसमें बैठे-बैठे भी दर्द होता है। ऐसे मरीजों को गर्म पानी के टब में सुबह-शाम बैठने से दर्द में राहत मिलती है। ठंडे पानी की बोतल से प्रभावित हिस्से पर सेक दर्द घटाता है।




विशेषज्ञ की राय:
लंबी सिटिंग में दो घंटे के बाद थोड़ी देर टहल आएं। जूस की तुलना में फल खाना ज्यादा बेहतर है क्योंकि उससे अधिक रेशे शरीर में पहुंचते हैं। जो लोग फल नहीं खा सकते वे जूस छानकर (बीज निकालकर) उसके फालूदा के साथ लेंगे तो रेशे शरीर में

जा सकेंगे।




सोने से पहले:
रात को सोने से पहले भी पेट साफ हो जाना चाहिए। इससे दिनभर का पेट हल्का हो जाता है और सुबह हार्ड मोशन की समस्या नहीं रहती। यह हार्ड मोशन ही मल के रास्ते में जख्म करके पाइल्स, फिशर व फिस्टुला जैसी परेशानी की वजह बनता है।


- डॉ. बी.एम. मामोडिय़ा, सीनियर एनोरेक्टल सर्जन (मलद्वार रोग विशेषज्ञ), जयपुर

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