
डायबिटीज एक क्रोनिक रोग है जिसका कोई इलाज नहीं है, सिर्फ़ दवाइयों और आहार से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। डायबिटीज को अगर नियंत्रित नहीं किया जाये तो यह शरीर के अंगों को नुक़सान पहुंचा सकती है। डायबिटीज के मरीजों के लिए फ़ास्टिंग ब्लड शुगर हाई होने की समस्या सबसे ज़्यादा होती है। सामान्य फ़ास्टिंग ब्लड शुगर का स्तर 70 mg/dL (3.9 mmol/L) और 100 mg/dL (5.6 mmol/L) के बीच होता है। जब फ़ास्टिंग ब्लड शुगर 100 से 125 mg/dL (5.6 से 6.9 mmol/L) के बीच होता है, तो जीवनशैली में बदलाव और शुगर की निगरानी की सलाह दी जाती है। कुछ लोगों की फ़ास्टिंग ब्लड शुगर 200 mg/dL को पार कर रही होती है। इस हालत में अगर लाइफस्टाइल और आहार में बदलाव नहीं किया जाता है, तो ब्लड में शुगर का स्तर और भी तेज़ी से बढ़ने लगता है।

अगर आपकी फॉस्टिंग शुगर उच्च है, तो आपको नियमित व्यायाम करना चाहिए। नियमित व्यायाम से आपकी इंसुलिन संवेदनशीलता बेहतर हो सकती है, जिससे आपके शरीर में शुगर का सही उपयोग हो सकता है और ब्लड शुगर का स्तर कम हो सकता है। व्यायाम में आप तेज चलना, दौड़ना, साइकिल चलाना, नृत्य करना, लंबी पैदल यात्रा और तैराकी जैसे विभिन्न गतिविधियों को शामिल कर सकते हैं।

कार्बोहाइड्रेट फूड्स का सेवन कम करें अपने ब्लड में शुगर को कंट्रोल करने के लिए यह जरूरी है कि आप कार्बोहाइड्रेट का सेवन कम करें। हमारी बॉडी कार्बोहाइड्रेट को शुगर में बदलती है, फिर इंसुलिन उसे ऊर्जा के रूप में चीनी का उपयोग करती है। कम कार्बोहाइड्रेट वाली डाइट शुगर को बढ़ने से रोकने में मदद करती है। सुबह के नाश्ते और रात के खाने में कार्बोहाइड्रेट का सेवन कम करें तो आप आसानी से फॉस्टिंग शुगर को कंट्रोल कर सकते हैं।

फाइबर का सेवन बढ़ाएंफाइबर का सेवन बॉडी में कार्बोहाइड्रेट के पाचन और चीनी के अवशोषण को धीमा कर देता है। घुलनशील और अघुलनशील दोनों तरह के फाइबर बॉडी के लिए अच्छे होते हैं, लेकिन घुलनशील फाइबर ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में बेहद मददगार होता है। हाई फाइबर डाइट ब्लड में शुगर का स्तर कंट्रोल करने में मदद करती है। हाई फाइबर वाले फूड्स में आप फल, सब्जियां, फलियां और साबुत अनाज का सेवन करें।

तनाव को दूर भगाएं और पर्याप्त नींद लेंतनाव ब्लड शुगर पर बहुत अधिक असर डालता है। तनाव को कम करने के लिए योग, ध्यान, और व्यायाम करें। सही मात्रा में नींद लें। अच्छी नींद न लेने से भूख बढ़ सकती है और वजन भी बढ़ सकता है। नींद की कमी से कोर्टिसोल का स्तर बढ़ जाता है, जिससे ब्लड में शुगर का स्तर बढ़ सकता है।