
Covid 19 In India Photo Credit Unicef
Covid 19 In India: कुछ समय पहले तक लोग चैन की सांस ले रहे थे कि अब कोरोना पीछे छूट चुका है। मास्क जेब में चले गए, सोशल डिस्टेंसिंग भुला दी गई और जिंदगी पटरी पर लौट आई लेकिन अब फिर से खबरें आने लगी हैं कि देश के कुछ हिस्सों में कोविड-19 (Covid 19) के मामले धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं। केरल, महाराष्ट्र, गुजरात और तमिलनाडु जैसे राज्यों में नए कोरोना केस (New Covid 19 cases 2025) सामने आ रहे हैं। भले ही इन मामलों में ज्यादातर मरीजों की हालत गंभीर नहीं है, लेकिन एक सवाल बार-बार उठ रहा है- क्या वैक्सीन से मिली इम्युनिटी अब कम हो गई है?
कोरोना (Covid 19) के केसों में जो हालिया बढ़त देखने को मिल रही है वो सबसे ज्यादा दक्षिण भारत के राज्यों से रिपोर्ट हो रही है। केरल में कुछ डॉक्टरों ने बताया है कि वहां बुखार, गले में खराश और खांसी के साथ-साथ आंखों में जलन, लालिमा और हल्की सूजन जैसी दिक्कतें भी मरीजों में देखी जा रही हैं। ये लक्षण पहले से कुछ अलग जरूर हैं, लेकिन फिलहाल घबराने वाली बात नहीं है क्योंकि अब तक अधिकतर मरीज घर पर ही ठीक हो जा रहे हैं।
इस बार जिस वेरिएंट की सबसे ज्यादा चर्चा है, उसका नाम JN.1 है। यह ओमिक्रॉन वेरिएंट का ही एक नया रूप है। इसमें करीब 30 तरह के म्यूटेशन पाए गए हैं जो इसे ज्यादा फैलने लायक बना सकते हैं। इसका मतलब है कि यह वेरिएंट उन लोगों को भी संक्रमित कर सकता है जो पहले कभी कोविड से संक्रमित हो चुके हैं या जिन्हें वैक्सीन लगी है। हालांकि राहत की बात यह है कि अब तक इसके कारण गंभीर बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने की नौबत बहुत कम लोगों को ही आई है।
बहुत से लोग सोच रहे हैं कि अगर वैक्सीन लगी होने के बावजूद लोग बीमार हो रहे हैं तो क्या वैक्सीन बेअसर हो चुकी है? विशेषज्ञों का जवाब है- नहीं। वैक्सीन का असर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, लेकिन वक्त के साथ शरीर में बनी इम्युनिटी कमजोर हो सकती है, अगर किसी ने बूस्टर डोज नहीं ली हो। फिर भी हमारे शरीर में मौजूद मेमोरी टी और बी सेल्स वायरस से लड़ने में मदद करते हैं और गंभीर बीमारी से बचाते हैं। इसलिए वैक्सीन आज भी जरूरी है।
जो लोग हाल में संक्रमित हुए हैं, उनके लक्षणों में कुछ अंतर देखा गया है। आमतौर पर गले में खराश, सूखी खांसी, हल्का बुखार, शरीर में दर्द, थकावट और सिरदर्द जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। कुछ मरीजों को आंखों में जलन और सूजन भी हो रही है। उल्टी और दस्त जैसे लक्षण भी कुछ मामलों में देखे गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ये लक्षण हल्के हैं, लेकिन उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनमें संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है। इनमें बुजुर्ग, डायबिटीज, हृदय रोग, किडनी की बीमारी से जूझ रहे लोग, कैंसर या एचआईवी से पीड़ित व्यक्ति और ऑर्गन ट्रांसप्लांट करा चुके मरीज शामिल हैं। इन लोगों को बाहर निकलते वक्त मास्क पहनना चाहिए, भीड़भाड़ से बचना चाहिए और किसी भी लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
फिल्हाल इस नए वेरिएंट से बचने के लिए आपको हल्के परहेज की जरूरत है। अगर आप या आपके आसपास किसी को खांसी, बुखार या गले में खराश जैसा कुछ महसूस हो रहा है तो सबसे पहले खुद को दूसरों से अलग रखें। मास्क पहनें और जरूरत से ज्यादा बाहर न निकलें। हाथों की सफाई बनाए रखें, पानी ज्यादा पिएं और घर पर आराम करें साथ ही हल्का खाना खाएं। इस छोटे-छोटे कामों को करने से आप इस नए वेरिएंट को मात दे सकते हैं।
Updated on:
21 May 2025 06:17 pm
Published on:
21 May 2025 05:08 pm
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