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कर्नाटक में अब डेंगू महामारी घोषित, तय होगी जवाबदेही

संशोधित नियमों के तहत सक्षम प्राधिकारी को सभी भूमि, भवन, भवन परिसर, पानी की टंकियों, पार्कों, खेल के मैदानों आदि का समय-समय पर निरीक्षण करने तथा मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए आवश्यक उपाय करने की सिफारिश करने की शक्ति होगी।

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- अधिकारी लिखित में सूचना देने के बाद सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच कभी भी कर सकेंगे निरीक्षण

डेंगू बुखार Dengue Fever के बढ़ते मामलों के बीच सरकार ने इसे महामारी Dengue Pandemic घोषित किया है। Karnataka सरकार अब डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में बचाव व राहत उपाय बेहतर तरीके से कर सकेगी। जवाबदेही भी तय की जा सकेगी। जरूरत पडऩे पर जुर्माना भी लगाएगी। लोगों को भी अब पूरा सहयोग करते हुए साफ-सफाई का ध्यान रखना होगा।

डेंगू के खिलाफ जारी लड़ाई में सरकार का साथ देना होगा। मंगलवार को जारी गजट अधिसूचना में सरकार ने कर्नाटक महामारी रोग अधिनियम 2020 (कर्नाटक अधिनियम 26, 2020) की धारा 3 द्वारा प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए डेंगू बुखार, जिसमें डेंगू बुखार का गंभीर रूप भी शामिल है, को कर्नाटक राज्य में महामारी रोग के रूप में अधिसूचित किया। सरकार ने महामारी रोग अधिनियम, 2020 के तहत नियमों में संशोधन किया है। कर्नाटक महामारी रोग (संशोधन विनियम), 2024, पिछले सप्ताह आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित किया गया।

संशोधित नियमों के तहत सक्षम प्राधिकारी को सभी भूमि, भवन, भवन परिसर, पानी की टंकियों, पार्कों, खेल के मैदानों आदि का समय-समय पर निरीक्षण करने तथा मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए आवश्यक उपाय करने की सिफारिश करने की शक्ति होगी। नियमानुसार जुर्माना भी लगा सकेंगे। सक्षम प्राधिकारी को अपने अधिकार क्षेत्र में वेक्टर जनित बीमारियों के प्रसार को रोकने के लिए राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा समय-समय पर निर्धारित सभी उपचारात्मक उपायों और दिशा-निर्देशों के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने का अधिकार होगा।

मकान या अन्य इमारत आदि के निर्माण के समय मच्छरों के प्रजनन को रोकने के सभी उपाय करने होंगे।घर, किसी इमारत, निर्माण स्थल या शेड या भूमि के मालिक या अधिभोगी को मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए पानी के भंडारण कंटेनरों, नाबदानों या ओवरहेड टैंकों को ढक्कन या किसी अन्य सामग्री से ढंकना या सुरक्षित करना सुनिश्चित करना होगा। ठोस अपशिष्ट पदार्थों का निपटान सही तरीके से करना होगा।

खाली बर्तन, गमले, डिब्बे, कंटेनर, अप्रयुक्त टायर या किसी अन्य ठोस अपशिष्ट पदार्थ को इस तरह से नहीं रखेंगे कि उसमें पानी इकठ्ठा हो।निजी व्यक्ति या सरकार, अर्ध सरकारी या स्थानीय प्राधिकरण की ऐसी भूमि या भवन का स्वामी या अधिभोगी या कोई प्रभारी व्यक्ति मच्छरों के प्रजनन का कारण बनने वाले पानी के संग्रह या संचय को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।

सक्षम प्राधिकारी सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच लिखित में सूचना देने के पश्चात किसी भी भवन में निरीक्षण के लिए प्रवेश कर सकेंगे। ऐसी भूमि या भवन का स्वामी या अधिभोगी ऐसे प्रवेश और निरीक्षण के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान करेगा।

नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना राशि तय

-घरेलू (अंदर और बाहर दोनों) नियमों के उल्लंघन पर शहरी क्षेत्रों के लिए 400 रुपए और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 200 रुपए का जुर्माना निर्धारित किया गया है।

-शहरी क्षेत्रों में व्यावसायिक प्रतिष्ठान, स्कूल, कार्यालय, कॉलेज, होटल, रेस्तरां, होमस्टे, मॉल, मनोरंजन पार्क, फैक्ट्रियां, पंचर मरम्मत की दुकान, नर्सरी, थिएटर, नारियल विक्रेता, कारखाने, उद्योग , रिसॉर्ट्स, ठोस अपशिष्ट संग्रह यार्ड, सम्मेलन हॉल आदि पर 1000 रुपये का जुर्माना लगेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में जुर्माना राशि 500 रुपए होगी।-शहरी क्षेत्रों में सक्रिय निर्माण स्थलों, परित्यक्त निर्माण स्थलों और खाली स्थलों, खुले स्थलों आदि पर 2,000 रुपए का जुर्माना देना होगा। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जुर्माना राशि 1,000 रुपए तय की गई है।

राज्य Karnataka में इस वर्ष सोमवार तक डेंगू के कुल 25,408 मामले सामने आए हैं। इनमें से 11,590 मरीज अकेले बृहद बेंगलूरु महानगर पालिका क्षेत्र में मिले हैं। राज्य में इस वर्ष डेंगू से 12 मौतें हुई हैं।