
Monthly Premium Health Insurance
Health Insurance : हेल्थ इंश्योरेंस को किफायती बनाने के लिए बीमा कंपनियों ने मंथली और क्वाटर्ली प्रीमियम पेमेंट प्लान को बढ़ावा देना शुरू किया है। कंपनियां प्रीमियम पर जीरो-कॉस्ट ईएमआइ का विकल्प भी दे रही हैं। बीमा कंपनियों की यह पेशकश युवाओं को आकर्षित कर रही है, क्योंकि वे हर माह कम राशि देकर हेल्थ इंश्योरेंस का फायदा ले सकते हैं। हालांकि, निवेश सलाहकार मंथली प्रीमियम वाले प्लान से दूरी बनाने के लिए कह रहे हैं, क्योंकि इसमें कई जोखिम हैं।
उदाहरण :
पॉलिसीधारक की उम्र : 25 साल
सम इंश्योर्ड: 10 लाख रुपए
सालाना प्रीमियम : 12,500 रुपए
मंथली प्रीमियम : 1004 रुपए
क्लेम राशि: 30,000 रुपए, चौथे माह में
बकाया प्रीमियम: 8*1004=8032
वास्तविक पेमेंट: 30,000-8032=21,968
क्रेडिट स्कोर: प्रीमियम के भुगतान में विलंब होने से क्रेडिट स्टोर खराब हो सकता है।
प्रोसेसिंग फीस: मंथली ईएमआइ के लिए अधिकतर बीमा कंपनियां प्रोसेसिंग फीस भी वसूलती हैं।
पॉलिसी लैप्स: 15 दिन के ग्रेस पीरियड में अगर प्रीमियम जमा नहीं करते हैं तो पॉलिसी लैप्स हो जाएगी।
मान लीजिए आपने 04 महीने के प्रीमियम का भुगतान किया है और चौथे महीने में अस्पताल में भर्ती होते हैं। ऐसी स्थिति में बिमा कंपनी क्लेम राशि में से बचे 8 महीने का प्रीमियम काट लेती है और उसके बाद क्लैम का सेटलमेंट करती है।
Published on:
18 May 2024 11:54 am

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