
बिजली का करंट लगने के बाद सही फर्स्ट एड और बचाव (photo- gemini ai)
Electrical Shock First Aid: घर में खराब वायरिंग, गीले हाथों से स्विच छूना, खुले तार या बारिश के मौसम में बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल, ये छोटी-छोटी लापरवाहियां कभी भी बड़े हादसे में बदल सकती हैं। अक्सर लोग सोचते हैं कि अगर करंट लगने के बाद व्यक्ति उठकर बैठ गया या बात करने लगा, तो अब सब ठीक है। लेकिन यह सोच कई बार खतरनाक साबित हो सकती है।
मेयो क्लिनिक, क्लीवलैंड क्लिनिक और NCBI (StatPearls) के अनुसार, बिजली का करंट सिर्फ त्वचा को नहीं जलाता, बल्कि शरीर के अंदर दिल, नसों और मांसपेशियों को भी नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए सही समय पर सही फर्स्ट एड देना बेहद जरूरी है।
अगर किसी व्यक्ति को करंट लगा है, तो सबसे पहले अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करें। जब तक बिजली का स्रोत बंद न हो जाए, तब तक पीड़ित को सीधे हाथ न लगाएं। अगर आप ऐसा करते हैं, तो आपको भी करंट लग सकता है। Mayo Clinic सलाह देता है कि सबसे पहले मेन स्विच बंद करें या सूखी लकड़ी, प्लास्टिक या रबर जैसी बिजली न पहुंचाने वाली वस्तु की मदद से व्यक्ति को बिजली के स्रोत से अलग करें।
घबराहट में लोग सबसे पहले यही गलती करते हैं। अगर बिजली का प्रवाह अभी भी जारी है, तो पीड़ित को सीधे छूने से बचाने वाला व्यक्ति भी करंट की चपेट में आ सकता है।
कई बार करंट लगने के बाद शरीर पर कोई बड़ा घाव दिखाई नहीं देता, लेकिन अंदरूनी चोट हो सकती है। Cleveland Clinic के अनुसार, बिजली का करंट दिल की धड़कन को प्रभावित कर सकता है, मांसपेशियों और नसों को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए व्यक्ति सामान्य दिखे, तब भी डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
हमारे यहां अक्सर जलने पर टूथपेस्ट, घी, तेल या बर्फ लगाने की सलाह दी जाती है, लेकिन यह सही तरीका नहीं है। Mayo Clinic के अनुसार, जले हुए हिस्से को ठंडे (बहुत ठंडे नहीं) बहते पानी से कुछ मिनट तक धोएं और फिर साफ, सूखी तथा स्टेराइल पट्टी से ढक दें। घरेलू नुस्खों से बचें।
अगर करंट लगने के बाद व्यक्ति बेहोश है या ठीक से प्रतिक्रिया नहीं दे रहा, तो उसे पानी या कोई भी चीज खाने-पीने के लिए न दें। इससे सांस की नली में रुकावट का खतरा हो सकता है। अगर व्यक्ति सांस नहीं ले रहा है या नाड़ी महसूस नहीं हो रही है, तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता बुलाएं और यदि प्रशिक्षण प्राप्त हो तो सीपीआर (CPR) शुरू करें।
कुछ लोग हल्का करंट लगने पर इलाज की जरूरत नहीं समझते। लेकिन NCBI के अनुसार, बिजली का असर कई बार कुछ घंटों बाद भी सामने आ सकता है। इसलिए अगर करंट तेज था, व्यक्ति बेहोश हुआ था, जलने के निशान हैं, सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, कमजोरी या हाथ-पैर सुन्न होने जैसे लक्षण हों, तो तुरंत अस्पताल जाना चाहिए।
इनमें से कोई भी लक्षण दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
01 Jul 2026 01:20 pm
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