
Emraan Hashmi Recalls Son Ayaan Cancer Diagnosis Eating Pizza Moment That Changed Everything
Emraan Hashmi Son Cancer Diagnosis : बॉलीवुड एक्टर इमरान हाशमी (Emraan Hashmi) की जिंदगी में एक ऐसा दिन आया जिसने सब कुछ हिलाकर रख दिया। वो दिन था जनवरी 2014 का जब वो अपनी पत्नी और बेटे अयान के साथ पिज़्ज़ा खाने गए थे। किसे पता था कि कुछ ही घंटों में उनकी पूरी दुनिया बदलने वाली है।
इमरान (Emraan Hashmi) बताते हैं कि जब वो रेस्टोरेंट में बैठे थे, तभी अयान ने कहा कि उसके पेशाब में खून आ रहा है। बस, उसी पल से सब गड़बड़ हो गया। अगले तीन घंटे में वो डॉक्टर के पास भागे और थोड़ी ही देर में पता चल गया कि अयान को विल्म्स ट्यूमर नाम की बीमारी है। ये बच्चों में होने वाला किडनी का कैंसर (Kidney cancer) होता है, जो उतना आम नहीं है।
अयान का अगले ही दिन ऑपरेशन हुआ। उसके बाद उसे लम्बी कीमोथेरेपी करवानी पड़ी। इस मुश्किल समय में इमरान और उनका परिवार अयान के साथ एकदम मज़बूती से खड़े रहे। अच्छी बात ये है कि 2019 में डॉक्टरों ने कह दिया कि अयान अब कैंसर (Kidney cancer) से बिल्कुल ठीक हो गया है।
दिल्ली के डॉक्टर नीरज गोयल बताते हैं कि छोटे, 3-4 साल के बच्चों में कैंसर के लक्षण बहुत मामूली लग सकते हैं, जैसे:
- लगातार बुखार आना
- बहुत ज़्यादा थकान महसूस होना
- बिना किसी वजह के वज़न कम होना
- बार-बार चोट लगना या खून निकलना
- पेट में सूजन, दर्द या कोई गांठ महसूस होना
विल्म्स ट्यूमर में अक्सर पेट फूलना, दर्द और बुखार जैसे लक्षण दिखते हैं। अगर ये सब चीज़ें लम्बे समय तक रहें तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
जल्दी पहचान में फायदा: आजकल इलाज इतना आगे बढ़ गया है कि अगर बीमारी जल्दी पकड़ में आ जाए तो ठीक होने के चांस बहुत बढ़ जाते हैं।
जानकारी रखो: अपने बच्चे की बीमारी के बारे में पढ़ो, डॉक्टर से बात करो और जितने भी इलाज के तरीके हैं, उन्हें समझो।
डॉक्टर से बात करते रहो: छोटी से छोटी बात भी डॉक्टर से पूछने में मत हिचकिचाओ। समझना और उन्हें समझाना दोनों ज़रूरी है।
मन का भी ध्यान रखो: अपने मन में जो भी डर या दुख है, उसे दबाओ मत। चाहो तो किसी काउंसलर से बात करो।
परिवार और दोस्तों का साथ लो: अपने करीबियों से बात करो और उनका सहारा लो।
दूसरे मां-बाप से जुड़ो: ऐसे ग्रुप होते हैं जहां दूसरे माता-पिता जिनकी बच्चे बीमार हैं, एक दूसरे की मदद करते हैं। उनसे जुड़ो।
सब कुछ संभाल कर रखो: मेडिकल की रिपोर्ट, अपॉइंटमेंट और दवाओं का हिसाब ठीक से रखो।
बच्चे को प्यार और हिम्मत दो: उससे सीधी और सरल भाषा में बात करो ताकि उसे सब समझ में आए।
जिंदगी को नॉर्मल रखने की कोशिश करो: ताकि उसे लगे कि सब कुछ पहले जैसा ही है।
इमरान हाशमी (Emraan Hashmi) की कहानी हमें बताती है कि कैंसर जैसी मुश्किल बीमारी से भी लड़ा जा सकता है। बस हिम्मत, सही इलाज और अपनों का साथ ज़रूरी होता है।
Cancer: इन लक्षणों को ना करें इग्नोर, हो सकता है ये खतरनाक कैंसर
Published on:
17 Apr 2025 06:02 pm
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