Face sign of fatty liver : फैटी लीवर, जिसे हेपेटिक स्टीटोसिस भी कहा जाता है, एक ऐसी स्थिति है जिसमें यकृत कोशिकाओं में अतिरिक्त वसा जमा हो जाती है।
Face sign of fatty liver : फैटी लिवर, जिसे मेडिकल भाषा में हेपेटिक स्टीटोसिस कहा जाता है, वह स्थिति है जिसमें लिवर की कोशिकाओं में अधिक वसा जमा हो जाती है। यह स्थिति मोटापा, हाई कोलेस्ट्रॉल, टाइप 2 डायबिटीज और अत्यधिक शराब के सेवन से जुड़ी होती है। अगर समय पर ध्यान न दिया जाए, तो फैटी लिवर (Fatty liver) सूजन (स्टीटोहेपेटाइटिस), स्कारिंग (फाइब्रोसिस) और यहां तक कि लिवर फेलियर या कैंसर में बदल सकता है। चेहरे पर दिखने वाले कुछ लक्षण आपके लिवर की सेहत को समझने में मदद कर सकते हैं।
त्वचा या आंखों में पीला रंग लिवर के सही ढंग से काम न करने का संकेत हो सकता है। यह बिलीरुबिन नामक पदार्थ के शरीर में जमा होने से होता है, जो यह दर्शाता है कि लिवर शरीर को डिटॉक्स नहीं कर पा रहा है।
पर्याप्त नींद लेने के बावजूद अगर आंखों के नीचे डार्क सर्कल्स बने रहते हैं, तो यह लिवर पर पड़ रहे दबाव या विषाक्त पदार्थों के जमाव का संकेत हो सकता है।
अगर चेहरा अक्सर सूजा हुआ या फूला हुआ दिखता है, तो यह शरीर में फ्लूड रिटेंशन का संकेत हो सकता है, जो लिवर के सही से काम न करने की वजह से होता है।
लिवर हार्मोन को संतुलित करने और शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है। जब यह ठीक से काम नहीं करता, तो इसका असर त्वचा पर दिखता है, खासकर जबड़े और गालों पर।
लिवर के खराब कामकाज की वजह से पोषक तत्वों का अवशोषण सही से नहीं हो पाता, जिससे त्वचा बेजान और थकी हुई दिखने लगती है।
गालों पर अचानक से लालिमा दिखना लिवर से संबंधित हार्मोनल असंतुलन या खराब रक्त संचार का संकेत हो सकता है।
नाक या गालों पर दिखने वाली पतली, फैली हुई रक्त वाहिकाएं, जिन्हें स्पाइडर वेन्स कहा जाता है, अक्सर लिवर के दबाव में होने का संकेत देती हैं।
लिवर वसा के मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करता है। फैटी लिवर की स्थिति में त्वचा पर अधिक तेल बनने लगता है, खासकर माथे और नाक के क्षेत्र में।
लिवर के खराब स्वास्थ्य का असर लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण पर पड़ता है, जिससे होंठ पीले या फीके दिख सकते हैं।
अगर त्वचा में लगातार खुजली और सूखेपन की समस्या है, तो यह लिवर में बाइल साल्ट्स के जमाव का संकेत हो सकता है।
अगर इन लक्षणों में से कई आपके चेहरे पर नजर आते हैं, तो तुरंत किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें। लिवर फंक्शन टेस्ट के माध्यम से स्थिति का पता लगाया जा सकता है। जीवनशैली में सुधार और समय पर इलाज से फैटी लिवर की गंभीरता को रोका जा सकता है।