
Feed Millet To Better Growth For Small Children In Hindi
छोटे बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में खानपान का बहुत महत्व होता है। ऐसे में जरूरी है कि उन्हें दिया जाने वाला आहार पौष्टिक हो। क्योंकि छोटे बच्चों के बढ़ते हुए शरीर में कई परिवर्तन होते हैं। जिस कारण उन्हें दिया जाने वाला खानपान उनके भविष्य के स्वास्थ्य को काफी प्रभावित करता है। साथ ही चिकित्सक और पोषण विशेषज्ञ भी बच्चों को पोषक तत्वों से युक्त चीजें खिलाने पर जोर देते हैं। इसलिए बच्चों को बचपन से ही पौष्टिक चीजें खाने की आदत डाल दी जाएं, तो आगे चलकर परेशानी नहीं होती है।
बाजरा भी उन पौष्टिक चीजों में आता है जो बड़ों के साथ-साथ बच्चों के लिए भी फायदेमंद मानी गई हैं। बाजरा ग्लूटेन फ्री होता है। फाइबर से भरपूर बाजरा एक बहुत ही सुपाच्य अनाज है, जिसे बनाना भी काफी आसान होता है। साथ ही बाजरा ऐसा खाद्य पदार्थ है, जिससे बहुत कम ही लोगों को एलर्जी की समस्या हो सकती है। इसलिए आप अपने बच्चे को बाजरे से विभिन्न व्यंजन बनाकर उसे खिला सकते हैं। इसके लिए आप बाजरे की इडली, खिचड़ी, दलिया, राबड़ी, उपमा आदि पौष्टिक व्यंजन बनाकर अपने बच्चे के स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं।
यह सुपरफूड कई पोषक तत्वों जैसे आयरन, विटामिन बी, फास्फोरस, प्रोटीन, पोटेशियम तथा मैग्नीशियम आदि से युक्त होता है। साथ ही जिन बच्चों को खून की कमी होती है उनके लिए आयरन युक्त बाजरे का सेवन काफी फायदेमंद होता है। यह उनके शरीर को मजबूती देने के साथ ही रोगों से लड़ने की क्षमता भी प्रदान करता है। बच्चों को जंक फूड और मोटापे जैसी समस्या से बचाने के लिए बाजरे की रोटी खिलाना एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है, क्योंकि यह उन्हें पोषण देने के साथ ही वजन नियंत्रण में भी सहायक है।
इसके अलावा, बाजरा से तैयार पौष्टिक व्यंजन आपके बच्चे का पेट लंबे समय तक भरा हुआ रख सकते हैं, जिससे बच्चे कुछ भी गलत खाने से बच पाते हैं। बाजरा या बाजरा जैसे अनाज की सेवन से बच्चों की मांसपेशियों तथा हड्डियों को भी काफी मजबूती मिलती है, क्योंकि बाजरे में मौजूद प्रोटीन बच्चों की मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करता है। इससे बच्चे शारीरिक रूप से काम करने में बेहतर प्रदर्शन कर पाते हैं।
Updated on:
29 Jan 2022 01:13 pm
Published on:
29 Jan 2022 01:09 pm
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