26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बुखार के साथ सिर और पेट में दर्द टाइफाइड का हो सकता है संकेत, ऐसे पहचानें लक्षण और जानिए बचाव

Symptoms of Typhoid:गर्मी का मौमस आते ही बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। यदि तेज बुखार के साथ सिर और पेट में दर्द रहे और दस्त भी लग रही तो ये संकेत टाइफाइड का हो सकता है।

2 min read
Google source verification

image

Ritu Singh

Apr 10, 2022

fever_head_and_stomach_pain_diarrhea_symptoms_of_typhoid.jpg

Fever Head and Stomach Pain Diarrhea Symptoms of Typhoid

टाइफाइड एक गंभीर बीमारी है और ये साल्मोनेला एन्टेरिका सेरोटाइप टाइफी बैक्टीरिया से होती है। दूषित खानपान या पानी के से फैलने वाली ये बीमारी शरीर को तोड़कर रख देती है। टाइफाइड तेजी से फैलने वाली बीमारी होती है और ये बीमार लोगों के मल के कारण आसपास के पानी की आपूर्ति को संभावित रूप से दूषित कर सकती है, क्योंकि बैक्टिरिया पानी या सूखे सीवेज में हफ्तों तक जीवित रह सकते हैं।

टाइफाइड लगभग 1से 2 सप्ताह या तीन से चार सप्ताह तक रह सकता है। यदि समय पर टाइफाइट की पहचान न हुई तो ये गंभीर रूप ले सकता है, इसलिए इसे सामान्य बुखार या दस्त से अलग समझने के लिए जरूरी है कि इसके लक्षण सही तरीके से पता हों।

टाइफाइड के लक्षण-Typhoid symptom

इसे भी पढ़ें- World Parkinson's Day: पार्किंसंस बीमारी से जुड़ी इन भ्रांतियों से उबरें, तभी ब्रेन डिसॉडर से बच सकेंगे

टाइफाइड के बिगड़ने का संकेत-Signs of worsening of typhoid
यदि समय रहते टाइफाइड का पता न चले तो ये गंभीर रूप धारण कर लेता है। कई बार सीने में जमाव और पेट में दर्द, के सा दस्त गंभीर रूप ले लेता है। बुखार के बने रहने से शरीर कमजोर हो जाता है। लगभग 10% लोगों में सुधार के बाद वापस से बैक्टरिया का अटैक हो जाता है। ऐसे अमूमन तब होता है जब इलाज के लिए दी गई एंटीबायोटिक के कोर्स में लापरवाही बरती गई हो।

टाइफाइड की रोकथाम के उपाय-Measures for prevention of typhoid

टीकाकरण: दो टीकाकरण टाइफाइड के मौजूद है, जो बीमारी से बचाते हैं। टीकाकरण के सही पाठ्यक्रम के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें।

खाद्य सुरक्षा: उबला हुआ, बोतलबंद और कीटाणुरहित पानी पीना चाहिए। कच्चे-फल को बिना धोएं प्रयोग न करें। ब्रश करने के लिए भी फिल्टर वाटर का यूज करें। बिना पके या बासी खाने से बचें।

स्वच्छता सुनिश्चित करें: हमेशा यह सुनिश्चित करें कि आप जहां रहते हैं वहां साफ-सफाई हो। सीवर, नाले के पानी से दूर रहें। कीटाणुनाशक सोप और लिक्विड का यूज करें।

हाथ की अच्छी स्वच्छता रखें: अपने हाथों को नियमित रूप से रोगाणु संरक्षण हैंडवॉश से धोएं।

डिस्क्लेमर- आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए दिए गए हैं और इसे आजमाने से पहले किसी पेशेवर चिकित्सक सलाह जरूर लें। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने, एक्सरसाइज करने या डाइट में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।