
पोस्ट कोरोना संसार के लिए संस्थानों ने बनाने शुरू किए प्रोटोकॉल
देश के 830 से अधिक ऑटो कंपोनेंट निर्माताओं के हित का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन द ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन (एसीएमए) का कहना है कि वह कोरोना वायरस के लॉकडाउन के हटने के बाद ऑटो उद्योग के लिए खास विस्तृत प्रोटोकॉल लाने पर काम कर रहे हैं। एसीएमए संगठित क्षेत्र में ऑटो कंपोनेंट उद्योग के 85 फीसदी से अधिक हिस्से का योगदान करता है। एसीएमए के अधिकारियों का कहना है कि वे जिस प्रोटोकॉल पर काम कर रहे हैं वह जल्द ही तैयार हो जाएगा। दरअसल, कोरोना वायरस ने भारतीय ऑटो निर्माताओं को भी वास्तविकता कासामना कर उन्हें भविष्य के लिए तैयारी करने के लिए प्रेरित कर दिया है। कोरोनॉयरस वायरस के प्रसार को रोकने के लिए देशव्यापी तालाबंदी के बाद अब लॉकडाउन खोलने या ढील देने कासमय नजदीक है। ऐसे में पहले के तौर-तरीकों में मौलिक परिवर्तन होता है।
एसीएमए के अधिकारियों की सरकार के साथ नए प्रोटोकॉल की चर्चा हो रही है या अंतिम रूप दिए जाने की प्रक्रिया में है। उदाहरण के लिए, बड़े कारखानों में कामगार जल्द ही सैनिटाइजर और विषाणु मारने वाले कक्षों (फ्यूमिगेशन चैम्बर्स) से हाइड्रोजन पेरोक्साइड से होकर निकलेंगे ताकि वे परिसर में प्रवेश करने से पहले संक्रमण मुक्त हो सकें। वायरस की जांच पहले स्टाफ बसों में होगी। श्रमिकों के शरीर के तापमान को इन्फ्रा रेड थर्मामीटर से जांचा जाएगा। ऐसे ही हवाईसफर में सोशल डिस्टैंसिंग का खयाल रखते हुए पैसेंजर को एक सीट छोड़कर बैठाया जाएगा। यह एसीएमए के विचार किए जा रहे सुझावों में से एक है। सभी ऑटो निर्माता कंपनियों का मानना है कि कोरोनावायरस के बाद की दुनिया में सभी छोटे-बड़े उद्योग आधारभूत बदलावों से गुजरेंगे और अधिक स्वचालन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के उपयोग के साथ कुछ कामों को संभालने के लिए उत्पादकता में वृद्धि के लिए सामाजिक दूरी सुनिश्चित करेंगे।
ये प्रोटोकॉल अपना सकती हैं कंपनिया और उद्योग
-कारखाने की बसों में तापमान का परीक्षण करने के लिए वैकल्पिक सीटें खाली रखें
-कारखाने में प्रवेश से पहले फ्यूमिगेशन चैम्बर्स का उपयोग करें
-अधिक से अधिक ऑटोमेशन तकनीक को अपनाना
-प्लंट और कारखाने में बाहरी लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित
-रिवर्क शिफ्ट ड्यूट भी लागू करना
- कुछ विशेष कार्यों के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों का उपयोग
-प्रत्येक शिफ्ट के बाद फ्लोर को सैनिटाइज करना
Published on:
14 Apr 2020 09:29 am

बड़ी खबरें
View Allस्वास्थ्य
ट्रेंडिंग
लाइफस्टाइल
