
गिलोय आयुर्वेद की वो औषधि है, जो शरीर के तमाम रोगों को कंट्रोल करने वाली होती है। गिलोय में मानसिक विकार से लेकर शारीरिक विकार तक को ठीक करने का गुण होता है। इसमें कई असाध्य रोगों को भी काबू में करने का गुण होता है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली ये औषधिय खून के विकार और कमियों को दूर करने के साथ शरीर के आंतिरिक और बाहरी हर तरह की समस्या को दूर करने में कारगर है। तो चलिए जानें कि गिलोय के फायदे क्या हैं और इसे कितनी मात्रा में लेना चाहिए।
इन बीमारियों को सही करने में गिलोय है वरदान
ऐंठन संबंधित समस्याओं से छुटकारा -नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इनफॉरमेशन की रिपोर्ट बताती है कि गिलोय शरीर में होने वाली ऐंठन और अकड़न को दूर करने में फायदेमंद है।
गठिया के मरीजों के लिए रामबाण औषधि-एनसीबीआई के अनुसार गिलोय में एंटी अर्थराइटिस गुण होते हैं और ये रुमेटाइड ऑर्थरायटिस्ट में बहुत फायदेमंद है।
हाथी पांव में कारगर- फीलपांव, हाथी पांव या एलिफेंटेसिस (Elephantiasis) में पैर बुरी तरह से सूज जाते हैं। ऐसा फिलेरियल वर्म (Filarial Worm) के कारण होता है। इस बीमारी में गिलोय का जूस बहुत कारगर होता है। ये सूजन को कम करने में कारगर होता है।
घाव भरने वाला- गिलोय में एंटीमाइक्रोबियल गुण होता है और इस कारण ये शरीर में प्रवेश करने वाला किसी भी प्रकार का हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करने में कारगर होता है। साथ ही फोड़े-फुंसी को दूर कर घाव को तेजी से भरने का काम करता है। सर्दी, खांसी और जुकाम की समस्या से बचाने में भी गिलोय फायदेमंद होता है।
डायबिटीज के मरीजों के लिए लाभदायक-शरीर में ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने गिलोय कारगर है क्योंकि इसमें एंटीडायबेटिक गुण होता है।
अस्थमा से बचाने वाला- अस्थमा की समस्या हो तो गिलोय की जड़ चबाने की सलाह दी जाती है। इससे सीने का कड़ापन दूर होता है और गले में घरघराहट, कफ आना और सांस से जुड़ी समस्याओं में राहत मिलती है
स्ट्रेस दूर करने में कारगर- गंभीर एंग्जाइटी और स्ट्रेस में गिलोय रामबाण है। गिलोय शरीर में मौजूद टॉक्सिन को शरीर से बाहर निकाल देता है। ये शरीर और दिमाग को शांति देने के साथ मेमोरी को भी अच्छा बूस्ट देता है।
बावाीसर की समस्या होगी दूर-बवासीर या पाइल्स में धनिया के पत्ते, गिलोय और हरड़ को एक साथ बराबर मात्रा में पीस लें। इस मिश्रण की 20 ग्राम मात्रा लेकर आधा लीटर पानी में मिलाएं और उबालें। उबल जाने के बाद थोड़े से गुड़ के साथ इसका दिन में दो बार सेवन करें।
आंखों की रौशनी पर कारगर -आंखों की हर तरह की समस्या में गिलोय कारगर है। ये कॉर्निया डिसऑर्डर, मोतियाबिंद और स्कलेरल जैसी समस्याओं को भी ठीक कर सकता है। 11.5 ग्राम गिलोय का जूस लेकर उसमें 1 ग्राम शहद और 1 ग्राम सेंधा नमक मिलाकर पीस लें। इस मिश्रण को आंखों के ऊपर लगाया जा सकता है।
यौन बीमारियों दूर होंगी- यौनेच्छा को नेचुरल तरीके से बढ़ाने के लिए गिलोय जूस का सेवन फायदेमंद होता है। गिलोय में एफ्रोडिजिक या यौनेच्छा को बढ़ाने वाले गुण पाए जाते हैं। ये आपकी मैरिड लाइफ को बेहतर बनाने में भी मदद करता है।
श्वांस रोग में असरदार- सांस लेने से जुड़ी समस्याएं जैसे सर्दी-जुकाम, टॉन्सिल, कफ आदि गिलोय के सेवन से आसानी से ठीक हो सकती हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि गिलोय में एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण पाए जाते हैं। ये गुण सांस की समस्याओं को कंट्रोल करने और दूर करने में मदद करता है।
एनिमिया-शरीर में लाल रक्त कणिकाओं की कम हो जाने से अनीमिया की समस्या होती है। अनीमिया के लक्षणों में सुस्ती, आलस, सांस उखड़ना आदि शामिल है। इन लक्षणों से छुटकारा पाने के लिए गिलोय के पाउडर से बने काढ़े का सेवन किया जा सकता है।
यूरिन प्रॉब्लम में कारगर-मूत्र विकार या पेशाब की नली में होने वाली समस्याओं जैसे जलन का अनुभव होना या पेशाब करने में दर्द होने में गिलोय का सेवन बहुत फायदेमंद है।
लिवर डिसऑर्डर को ठीक करने वाला-लिवर से जुड़ी हर समस्या में गिलोय फायदेंमद होता है। पीलिया से लेकर फैटी लिवर तक को गिलोय कंट्रोल करता है।
जानिए कितनी मात्रा में लेना चाहिए गिलोय
गिलोय का सेवन बिना डॉक्टर या आयुर्वेद के वैद्य की सलाह लिए बिना नहीं करना चाहिए। आयुर्वेद के अनुसार, एक दिन में स्वस्थ मनुष्य गिलोय की 20 gm मात्रा का अधिकतम सेवन कर सकता है। अगर कोई व्यक्ति गिलोय का जूस पी रहा है तो भी इसकी मात्रा 20 ml से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इससे ज्यादा सेवन करने पर गिलोय नुकसान भी कर सकती है।
(डिस्क्लेमर: आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए दिए गए हैं और इसे आजमाने से पहले किसी पेशेवर चिकित्सक सलाह जरूर लें। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने, एक्सरसाइज करने या डाइट में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
Published on:
13 Mar 2022 12:59 pm

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