
पपीता एक संपूर्ण फल है। पके हुए पपीते में मौजूद कैरोटीन शरीर में विटामिन 'ए' बनाता है। इसमें विटामिन 'सी', कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन, प्रोटीन, कार्बोहाईड्रेट, टारटरिक व साइट्रिक एसिड जैसे कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं। पपीते में पाए जाने वाले पपेन की मात्रा लगभग २० प्रतिशत तक होती है जो हमारे शरीर में प्रोटीन को पचाता है। टूथपेस्ट बनाने और त्वचा के दाग मिटाने की दवा बनाने में भी पपेन का उपयोग होता है। पपीता पाचनक्रिया को दुरुस्त रखता है।
बवासीर और कब्ज जैसे पुराने रोगों में भी पपीता लाभकारी है। कच्चा पपीता खाने से पीलिया रोग में आराम मिलता है। पेट में कीड़े हो गए हों तो पपीते के दस बीज पानी में पीस लें। अब इसे एक चौथाई कप पानी में मिलाकर रोजाना सात दिनों तक लें। पपीता अल्सर रोग में भी फायदेमंद होता है। पके हुए पपीते के गूदे को उबटन की तरह चेहरे पर लगाएं। जब यह सूख जाए तो गुनगुने पानी से चेहरा धो लें। ऐसा कम से कम एक माह तक करने से चेहरे की झर्रियां दूर होती हैं और चमक बढ़ती है।
डायबिटीज में उपयोगी कटहल
कटहल औषधीय गुणों से भरपूर सब्जी है। आदिवासी इलाको में कई रोगों के इलाज के लिए इसका प्रयोग किया जाता है। जानते हैं इसके अन्य फायदों के बारे में। कटहल की हरी पत्तियों को पीसकर छोटी-छोटी गोलियां बना लें। दो गोली दिन में एक बार पानी के साथ लेने से गले के रोगों में लाभ होता है। इसकी ताजी व कच्ची पत्तियों को चबाने से मुंह के छालों में आराम मिलता है। पके हुए कटहल के गूदे को अच्छे से मैश करके पानी में उबाल लें। ठंडा करके इस पानी को एक गिलास की मात्रा में पीने से अपच की समस्या में लाभ होता है। कटहल की पत्तियों का रस बनाकर पीने से डायबिटीज के मरीज और हाई ब्लडप्रेशर के रोगियों को लाभ होता है। कटहल के फल के छिलकों से निकलने वाला दूध गांठनुमा सूजन, घाव और कटे हुए अंगों पर लगाने से आराम मिलता है। इस दूध की मालिश से जोड़ों का दर्द दूर होता है।
Published on:
15 Aug 2017 04:23 pm
बड़ी खबरें
View Allस्वास्थ्य
ट्रेंडिंग
लाइफस्टाइल
