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जानिए चाय-कॉफी के साथ आप पीते हैं कितना जहर

ताजा हुए सर्वे में चाय-कॉफी पर किए गए प्रयोगों में इसके कुछ खास तथ्य सामने आए हैं।...

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Super Admin

Jan 16, 2015

जयपुर। चाय-कॉफी का सेवन सबसे लोकप्रिय पेय पदार्थ सेवन में से एक है। चाय-कॉफी हर मौसम में पी जाने वाली पसंदीदा चीज है। इन्हें थकान को दूर करने का सबसे बेहतर टोनिक माना गया है।

लेकिन ताजा हुए सर्वे में चाय-कॉफी पर किए गए प्रयोगों में इसके कुछ खास तथ्य सामने आए हैं। आइए जानें चाय-कॉफी को पीनें से फायदे के साथ-साथ क्या-क्या नुकसान होते हैं।

- चाय-कॉफी में टेनिन नाम का 18 प्रतिशत पॉइजन रूपी तत्व होता है, जो पेट में छाले पैदा करता है।

- चाय-कॉफी में 3 प्रतिशत थिन होता है, जिससे गले और मुह में खुश्की चढ़ती है तथा यह फेफड़ों और सिर में भारीपन पैदा करता है।

- ये तो सब जानते हैं की चाय-कॉफी में कैफीन होता है। इसकी मात्रा 2.75 प्रतिशत होती है, जो शरीर में एसिड बनाने का काम करती है। इससे किडनी पर असर होता है और किडनी फंैक्षन कमजोर होता है।

- जांच से पता चला है कि चाय-कॉफी में वॉलाटाइल नामक केमिकल होता है। ये आंतो को कमजारे बनाता है। इससे आंतों के ऊपर हानिकारक प्रभाव पड़ता है।

- चाय-कॉफी का अधिक सेवन करने वालों को एसिडिटी की परेशानी सबसे ज्यादा होती है। क्योंकि इनमें कार्बोनिक अम्ल होता है जो शरीर में एसिडिटी के लेवल को तेज करता है।

- कुछ लोग ऎसा मानते हैं कि खाने के बाद एक कप चाय-कॉफी पीने से खाना पच जाता है लेकिन ये एक मिथ्थ है। चाय-कॉफी में पैमिन नामक अम्ल पाया जाता है और इससेे पाचनशक्ति कमजोर होती है।

- प्रयोंगों से ये भी पता चला है कि चाय-कॉफी में भरपूर मात्रा में एरोमोलीक नामक अम्ल पाया जाता है और इसका असर आंतडियों पर विपरीत पड़ता है। इससे आंते कमजोर होती है। इनका शरीर पर हानिकारक प्रभाव डालता है।

- चाय-कॉफी में सबसे ज्यादा मात्रा में साइनोजन होता है और निंद न आने की बीमारी का ये अम्ल एक बड़ा कारण माना गया है। इसके अलावा ये अम्ल लकवा जैसी भयंकर बीमारियां पैदा करता है।

- चाय-काफी में ऑक्सेलिक अम्ल होता है जो शरीर के लिए अत्यंत हानिकारक है।

- एक शोध में पाया गया है कि ज्यादा चाय कॉफी पीने वालों में नपुंसकता आने का खतरा तेज होता है। इसका कारण है इनमें पाया जाने वाला स्टिनॉयल। ये रक्तविहार तथा नपुंसकता पैदा करता है।

इसलिए चाय अथवा कॉफी कभी नहीं पीनी चाहिए और अगर पीनी ही पड़े तो आयुर्वैदिक चाय पीनी चाहिए।