
Harmful foods in high uric acid
Harmful foods in high uric acid : यूरिक एसिड जिसे हाइपरयूरिसीमिया के नाम से भी जाना जाता है। इसके होने का कारण यह है कि जब आपका शरीर ज्यादा यूरिक एसिड बनाता है या शरीर इसे पर्याप्त मात्रा में निकाल नहीं पाता है। यूरिक एसिड बढ़ने का कारण प्यूरिन युक्त फूड होता है जिसकी वजह से शरीर में तेजी से यूरिक एसिड (Harmful foods in high uric acid) बढ़ने लगता है। इसलिए आपको सलाह दी जाती है कि आपको कभी भी डाइट में प्रोटीन और प्यूरिन से भरपूर दाल का सेवन करने से बचना चाहिए।
एमडीपीआई की पत्रिका ‘न्यूट्रिएंट्स’ में प्रकाशित एक स्टडी कहती है कि दालों में प्यूरीन होता है, जिसे शरीर यूरिक एसिड में तोड़ देता है। ऐसे में इनका सेवन यूरिक एसिड को बढ़ा सकता है। इसलिए, आपका यूरिक एसिड स्तर पहले से ही ज़्यादा है, तो भूलकर भी इन दालों का सेवन नहीं करना चाहिए।
मटर की दाल
मटर की दाल (Harmful foods in high uric acid) का सामान्यत सूप में उपयोग किया जाता है, लेकिन इसमें प्यूरीन की मात्रा भी होती है। उच्च यूरिक एसिड की समस्या से ग्रसित व्यक्तियों को इसे खाने से परहेज करना चाहिए।
मसूर दाल
मूंग दाल (Harmful foods in high uric acid) स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होती है, लेकिन यह यूरिक एसिड के रोगियों के लिए हानिकारक हो सकती है। मूंग दाल का सेवन करने से यूरिक एसिड का स्तर बढ़ सकता है। इसलिए, यदि आप यूरिक एसिड से ग्रसित हैं, तो इस दाल का सेवन करने से बचें।
सोयाबीन
सोयाबीन प्रोटीन (Harmful foods in high uric acid) का एक उत्कृष्ट स्रोत है। चिकित्सक भी इसे आहार में शामिल करने की सलाह देते हैं, लेकिन उच्च यूरिक एसिड वाले व्यक्तियों को इसे खाने से परहेज करना चाहिए। सोयाबीन में प्यूरीन की मात्रा अपेक्षाकृत अधिक होती है।
चना
चना प्रोटीन और फाइबर का एक समृद्ध स्रोत है। हालांकि, यदि यूरिक एसिड का स्तर अधिक है, तो चने का सेवन नहीं करना चाहिए। जर्नल ऑफ एग्रीकल्चर एंड फूड रिसर्च में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, गाउट से प्रभावित व्यक्तियों को चने से दूर रहना चाहिए। चने में ऑक्सालेट की उच्च मात्रा होती है, जो किडनी में पथरी के निर्माण का कारण बन सकती है।
लोबिया
यूरिक एसिड के स्तर से प्रभावित मरीजों को लोबिया का सेवन नहीं करना चाहिए। प्यूरीन और प्रोटीन की उच्च मात्रा के कारण इस खाद्य पदार्थ का उपयोग करने से यूरिक एसिड का स्तर तेजी से बढ़ सकता है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
10 Oct 2024 12:08 pm
Published on:
10 Oct 2024 12:04 pm
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