11 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

Health Tips: लेट नाईट सोने से सेहत को हो सकते हैं ये गंभीर नुकसान, जानिए

Health Tips: आजकल लोग अक्सर देर से सोना पसंद करते हैं,इसलिए जानिए कि यदि आप भी देर से सोते हैं तो शरीर को कौन-कौन से नुकसान हो सकते हैं।  

2 min read
Google source verification
sleeping-late-night.jpg

Sleeping late night

Health Tips: आजकल लोग अक्सर देर से सोना पसंद करते हैं,इसलिए जानिए कि यदि आप भी देर से सोते हैं तो शरीर को कौन-कौन से नुकसान हो सकते हैं।

आजकल की वर्क कल्चर और लाइफस्टाइल ऐसी हो गई है कि शरीर में कोई न कोई समस्या बनी ही रहती है, ऐसे में नींद का देर से आना भी बीमारियों के मुख्य लक्षणों में से एक है। समय से न सोने पर शरीर को कई प्रकार की समस्याएं हो सकती हैं, ऐसे में जानिए कि लेट से सोने से शरीर को कौन-कौन से नुकसान होते हैं।

यह भी पढ़े-आयुर्वेदिक उपचार : माइग्रेन से तुरंत राहत देंगे ये 5 आयुर्वेदिक उपाय, चुटकियों में होगा दर्द दूर

रात में नींद न आने का मुख्य कारण होता है प्रोक्रैस्टिनेशन सिंड्रोम
प्रोक्रैस्टिनेशन सिंड्रोम इसमें व्यक्ति को नींद तो आ रही होती है, परन्तु वे सोता नहीं है। इसके पीछे का मुख्य कारण होता है, फ़ोन का इस्तेमाल, मूवी देखना या ओटीटी प्लेटफार्म में ज्यादा से ज्यादा व्यतीत करना, आदमी अपना सोने का समय इनपर व्यतीत करता है और समय से नहीं सोता है।

जानिए आखिरकार क्यों बनती है देर से सोने की आदत
आजकल कि बिजी लाइफस्टाइल में लोग अक्सर अपना समय काम को देते हैं, ऐसे में रात का समय एकमात्र ऐसा होता है जहाँ वे नींद की पूर्ती की जगह फ़ोन चलाना, दोस्तों से बात- चीत करना इन सब में व्यतीत करते हैं।

यह भी पढ़े-खुद से प्यार की हद है सेल्फी सिंड्रोम, जानिए सोशल मीडिया कैसे हमें नार्सिसिस्ट बना रहा है

देर रात तक जागने के जानिए कौन-कौन से हो सकते हैं नुकसान
यदि आप ज्यादा देर रात तक तो इससे सेहत को कई सारे गंभीर नुकसान हो सकते हैं, जिनके बारे में आपको भी जानना चाहिए।
- लंबे समय तक देर तक जागते हैं तो आपके कार्यक्षमता पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
-रात में देर से सोने से तनाव बहुत ही ज्यादा बढ़ सकता है।
-वेट के बढ़ने का खतरा अधिक रहता है।

यह भी पढ़े-आयुर्वेद : पेशाब में जलन, खांसी, दस्त और माइग्रेन को दूर करता है गोंद कतीरा

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।