सर्दियों ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। और ठंडी के मौसम हमारे स्वास्थ से जुड़ी समस्या भी बढ़ जाती है। इसी मे एक है हार्ट अटैक की समस्या। सर्दी के मौसम में हार्ट अटैक के मामले काफी बढ़ जाते हैं। इसके प्रमुख लक्षण सीने में दर्द और चक्कर आना शामिल है। हालांकि इनके अलावा शरीर और भी कुछ छोटे-छोटे संकेत देता है। जिनको लोग अकसर नजरअंदाज कर देते हैं। यह ऐसे लक्षण होते हैं जिनकी समय पर पहचान से हार्ट अटैक के खतरे से बचा जा सकता है।
नई दिल्ली : राजीव गांधी अस्पताल के कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर अजीत कुमार के मुताबिक, सीने में दर्द के अलावा शरीर में हार्ट अटैक के अन्य जो लक्षण होते हैं वह माइल्ड हार्ट अटैक का कारण बनते हैं। जिनका समय पर समाधान नहीं होने से बाद में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। इसके लिए जरूरी है कि इन अन्य लक्षणों की भी पहचान की जाए। डॉ. अजीत ने बताया कि जबड़े में और बाएं हाथ की बाजू में होने वाला दर्द भी हार्ट अटैक का लक्षण होता है। जबड़े के पिछले हिस्से में होने वाले दर्द को हल्के में नहीं लेना चाहिए। कई बार लोगों को लगता है कि दांत की कोई परेशानी कि वजह से ऐसा हो रहा है, लेकिन कई मामलों में यह हार्ट अटैक का लक्षण होता है। जो समय पर इलाज़ नहीं मिलने से स्थिति को बिगाड़ सकता है। इसमें दर्द जबड़े से शुरू होकर गर्दन तक फैल जाता है। इन लक्षणों के आते ही अगर हार्ट की सभी जांच करा ली जाए तो खतरा काफी कम हो जाता है। इससे अटैक आने से पहले ही मरीज को बचाया जा सकता है। साइलंट हार्ट अटैक भी कहा जाता है
अपने दर्द के गुण का आकलन करें
हार्ट अटैक से सम्बद्ध दर्द बहुधा एक दबाव या निचुड़ने का एहसास जैसा मालूम पड़ता है। यह हल्के दर्दनाक या बिलकुल ही दर्दहीन जो साइलेंट हार्ट अटैक्स में होता है से लेकर भयंकर दर्दनाक जिसे लोग तीव्रता के आधार पर 10 में से 10 अंक देते हैं तक हो सकता है। दर्द अधिकांशत सीने के क्षेत्र में होता है और बाँईं बांह में जबड़ों तक या आपके पीठ तक पहुँच सकता है।
दर्द से असम्बद्ध लक्षणों को देखें
हृदय प्रकरण के दौरान बांह , जबड़े, गर्दन और पीठ के दर्द के अतिरिक्त आप अन्य लक्षणों को भी देख सकते हैं। इनमें ये लक्षण शामिल हैं
1. जी मिचलाना
2. सिर घूमना या चक्कर आना
3. ठंडा पसीना आना
4. सीने में कसाव के कारण सांस फूलना या सांस लेने में कठिनाई होना
सांस फूलना भी है संकेत
डॉ. के मुताबिक अगर थोड़ी देर पैदल चलने या फिर कुछ सीढ़ियों पर चढ़ने के बाद सांस फूलने लगती है, तो यह इस बात का लक्षण है कि हार्ट में कुछ परेशानी है। जो बाद में अटैक का कारण बन सकती है। सांस फूलने वाला लक्षण पुरुषों और महिलाओं दोनों में देखने को मिल सकते हैं। हालांकि अगर एक या दो बार ऐसी समस्या हुई है तो घबराने वाली बात नहीं है, लेकिन अगर दो से तीन दिन तक यह दिक्कत बन रही है, तो सतर्क होने की जरूरत है। यह हार्ट अटैक का शुरुआती लक्षण होता है। इसलिए इसपर ध्यान देना चाहिए।
बचाव और उपचार
इस साइलंट हार्ट अटैक की समस्या से बचाव का तरीका तो यही है कि आप अपनी डायट पर भी पूरा ध्यान दें और शारीरिक रूप से सक्रिय बने रहें। इसके लिए घर के काम खुद कर सकते हैं। जैसे की पोछा लगाना, डस्टिंग करना, डिश क्लिनिंग आदि। साथ ही घर की सीढ़ियों और छत का उपयोग आप खुद को ऐक्टिव रखने के लिए कर सकते हैं।
रोज योग और एक्सर्साइज कर सकते हैं। घर में ही छत पर या बालकनी में जॉगिंग कर सकते हैं। क्योंकि इस समय कोरोना संक्रमण के कारण पार्क या जिम जाने में इंफेक्शन का अधिक खतरा है। इसलिए घर के छोटे से छोटे स्पेस का उपयोग भी अपनी फिटनेस के लिए करें।