
Jason Chambers: Staying in the sun too much is also dangerous, this actor got skin cancer
Jason Chambers: सूरज की रोशनी, जिसे हम धूप के रूप में जानते हैं, का अनियंत्रित सेवन करना खतरनाक हो सकता है। यह स्किन कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकता है। धूप हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है, लेकिन इसके साथ ही यह हानिकारक भी हो सकती है। जब हम धूप में बैठते हैं, तो हमें विटामिन-डी मिलता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाता है और कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। लेकिन, अत्यधिक धूप में रहने से त्वचा को गंभीर नुकसान हो सकता है, और यह स्किन कैंसर का कारण बन सकता है। हॉलीवुड अभिनेता जेसन चेम्बर्स (Jason Chambers) के स्किन कैंसर के मामले ने एक बार फिर इस विषय पर चर्चा को बढ़ावा दिया है।
जेसन चेम्बर्स (Jason Chambers) ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से जानकारी दी है कि उन्हें एक प्रकार का त्वचा कैंसर (skin cancer) हो गया है। उन्होंने लिखा, मैं ऐसा व्यक्ति हूं जिसने अपनी पूरी जिंदगी धूप में बिताई है। बचपन में मैं धूप में खेलता था और समुद्र में काम करता था। मुझे कभी यह एहसास नहीं हुआ कि सूरज की किरणें मुझे नुकसान पहुंचा सकती हैं। मुझे धूप में रहना पसंद है, क्योंकि मैं इसके स्वास्थ्य लाभों के बारे में जानता हूं। लेकिन हर चीज की एक सीमा होती है, और धूप लेने में भी संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। अन्यथा, यह त्वचा कैंसर का कारण बन सकता है।
जेसन चेम्बर्स (Jason Chambers) ने साझा किया कि कुछ समय पहले उनकी त्वचा पर एक धब्बा दिखाई दिया, जिसे उन्होंने हल्का समझकर नजरअंदाज कर दिया। लेकिन छह महीने बाद वही धब्बा स्किन कैंसर में विकसित हो गया। अब डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत इसका उपचार कराने की सलाह दी है। एक्टर की बायोप्सी हो चुकी है और वह अपनी रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। जेसन चेम्बर्स ने अपने प्रशंसकों से सनस्क्रीन का उपयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जो गलती उन्होंने की, उसे अन्य लोग न करें। अच्छे और रासायनिक-मुक्त सनस्क्रीन का उपयोग करें, ताकि धूप के हानिकारक प्रभावों से बचा जा सके।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जब कोई व्यक्ति सूर्य की अल्ट्रावॉयलेट (UV) किरणों के संपर्क में आता है, तो यह त्वचा (skin cancer) की कोशिकाओं को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे त्वचा कैंसर का जोखिम बढ़ जाता है। त्वचा कैंसर के कई प्रकार होते हैं, जिनमें बेसल सेल कार्सिनोमा, स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा और मेलेनोमा शामिल हैं। बेसल सेल कार्सिनोमा आमतौर पर चेहरे, हाथों और गर्दन पर धूप के संपर्क में आने से होता है, जबकि स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा कान, होंठ और हाथों में विकसित हो सकता है। इसलिए, हर मौसम में धूप से अपनी त्वचा की सुरक्षा करना आवश्यक है और तेज धूप में जाने से बचना चाहिए।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
21 Dec 2024 12:09 pm
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