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ISRO Voice for Chandrayaan : साइंटिस्ट डॉ. एन. वलरमाथी का हार्ट अटैक से निधन, जानिए हार्ट अटैक के रिस्क फैक्टर

ISRO Voice for Chandrayaan: Dr. N. Valarmathi dies of heart attack : चंद्रयान 3 ली लॉन्चिंग के समय आप ने उल्टी गिनती करते हुए एक महिला की आवाज सुनी होगी। लेकिन ये सुरीली आवाज अब कभी सुनाई नहीं देगी।

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Dr. N. Valarmathi dies of heart attack

Dr. N. Valarmathi dies of heart attack

ISRO Voice for Chandrayaan: Dr. N. Valarmathi dies of heart attack : चंद्रयान 3 ली लॉन्चिंग के समय आप ने उल्टी गिनती करते हुए एक महिला की आवाज सुनी होगी। लेकिन ये सुरीली आवाज अब कभी सुनाई नहीं देगी।

आपको बता दें कि आईएसआरओ (ISRO) की साइंटिस्ट डॉ. एन. वलरमाथी (Dr. N. Valarmathi) की मौत ने देश को गहरी शोक में डाल दिया है। उन्होंने चंद्रयान (Chandrayaan) मिशन के दौरान अपनी प्रमुख भूमिका के लिए प्रसिद्धता प्राप्त की थी, और उन्होंने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान क्षेत्र में अपने योगदान के लिए बड़ा योगदान दिया। अचानक हृदय गति (Heart attack ) रुक जाने से उनका निधन हो गया। जिसने हमें यह सिखाया कि इस तरह के स्वास्थ्य समस्याओं के लिए संवेदनशीलता और सावधानी कितनी महत्वपूर्ण हैं।

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हृदय घात (Heart attack ) के लिए संभावित जोखिम कारकों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए आपको इस लेख में एक अवलोकन प्राप्त होगा:

आयु: एक्सपर्ट्स के अनुसार, आयु एक महत्वपूर्ण हृदय रोग कारक हो सकता है। वयस्क वय में, शरीर के वायरस से लड़ने और लड़ने की क्षमता कम होती है, जिससे हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है।

आहार: अच्छा और स्वस्थ आहार खाने का अभ्यास रखने का महत्व है। ज्यादा तेल, तला हुआ खाना, और अत्यधिक अधिक मिठास युक्त आहार खाने से हृदय रोग का खतरा बढ़ सकता है।

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रसोई में प्रयुक्त तेल: बहुत सी तेलों में ज्यादा सत्यापित अदृढ़ फैट्स हो सकते हैं, जो हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं।

नियमित व्यायाम: सक्रिय जीवनशैली अपनाने और नियमित व्यायाम करने से हृदय के स्वास्थ्य को सुधारा जा सकता है।

धूम्रपान और शराब की उपयोग: धूम्रपान और अधिक मात्रा में शराब का सेवन हृदय रोग के लिए एक महत्वपूर्ण जोखिम कारक हो सकता है।

गेनेटिक फैक्टर्स: आपके परिवार में किसी के पास ऐसा इतिहास है जिसमें हृदय रोग हो, तो आपके खतरे का स्तर बढ़ सकता है।

अधिक दबा काम: ज्यादा दबा काम और तनाव हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं।

शारीरिक स्वास्थ्य की नकारात्मक प्रभाव: दाब, मधुमेह, और उच्च रक्तचाप जैसी शारीरिक स्वास्थ्य समस्याएँ हृदय रोग के लिए महत्वपूर्ण हो सकती हैं।

स्त्री पुरुष भिन्नता: लड़के और लड़कियों के बीच हृदय रोग के खतरे में अंतर हो सकता है, जो हार्मोनल और बायोलॉजिक अंतरों के कारण हो सकता है।

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मेडिकल हिस्ट्री: आपके पूर्व में किसी भी हृदय रोग का इतिहास होने पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि यह आपके व्यक्तिगत खतरे को प्रभावित कर सकता है।

डॉ. एन. वलरमाथी की अकसर आईएसरो में अपने काम के लिए तय की गई सख्ती और अद्वितीय योगदान के बावजूद, उनके निधन से हमें यह याद दिलाना चाहिए कि हमारे स्वास्थ्य को हमेशा पहले मान्य करना चाहिए। हमें नियमित चेकअप्स करवाने की आदत डालनी चाहिए और स्वस्थ जीवनशैली अपनानी चाहिए ताकि हम हृदय रोग के जोखिम को कम कर सकें।

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