
लिवर पर फैट की मात्रा बढ़ने से सबसे पहले भूख लगनी कम हो जाती हैं। वहीं बिना खाए ही पेट भारी और फूला हुआ महसूस होता है। पेट में यदि ऐसी स्थिति काफी दिनों तक बनी रहे तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए। ये पहला लक्षण लिवर की परेशानी का होता है।
कई बार अगर समस्या ज्यादा बढ़ जाती है तो उलटी और पेट के दर्द भी महसूस होता है। वहीं थकान, कमजोरी भी महसूस होने लगती है।
लिवर शरीर का वो प्रमुख अंग है जो अगर खराब हो जाए तो इंसान की जान भी जा सकती है। लिवर खाना पचाने और शरीर से विषाक्त पदार्थों को दूर करने का काम करता है। बता दें कि लिवर के अंदर 5 प्रतिशत से ज्यादा जब फैट जमा होता है तो लिवर फैटी हो जाता है। यह बीमारी दो तरह की होती है, पहली एल्कोहलिक और दूसरी नॉन-एल्कोहलिक फैटी लिवर।
अधिक शराब पीने वालों में एल्कोहलिक फैटी लिवर की समस्या होती है, वहीं जब लिवर में वसा की मात्रा 10 गुणा बढ़ जाती है तो यह नॉन एल्कोहलिक फैटी लिवर का कारण बन जाती है।
फैटी लिवर के लक्षण
भूख कम होते जाना और हमेशा पेट तना हुआ महसूस होना ये फैटी लिवर के प्रारंभिक लक्षण होते हैं। कई बार थोड़ा सा खाते ही पेट भरा महसूस होने लगना और फूल जाने की समस्या भी नजर आती है। लिवर पर वसा की मात्रा बढ़ जाती है तो इसके कारण पेट के दाहिनी तरफ दर्द का अनुभव हो सकता है। इसके अलावा थकान, उल्टी आना, भूख न लगने की समस्या भी हो सकती है। ऐसे में लिवर को हेल्दी रखना बेहद ही जरूरी है।
फैटी लिवर होने के नुकसान
लिवर में वसा जमने से सिरोसिस, लिवर फेलियर और लिवर कैंसर का खतरा भी बढ़ जाता है। अगर शुरुआत में ही इस बीमारी का पता चल जाए तो स्थिति को गंभीर होने से रोका जा सकता है।
फैटी लिवर होने के नुकसान
लिवर में वसा जमने से सिरोसिस, लिवर फेलियर और लिवर कैंसर का खतरा भी बढ़ जाता है। अगर शुरुआत में ही इस बीमारी का पता चल जाए तो स्थिति को गंभीर होने से रोका जा सकता है।
ऐसे बचें फैटी लिवर की समस्या से
शराब पीना करें बंद: जो लोग फैटी लिवर की बीमारी से ग्रसित हैं, उन्हें शराब बिलकुल नहीं पीना चाहिए, क्योंकि एक बूंद भी ये जहर समान होता है।
रिफाइंड चीजें और नमक से बचें
रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट, मैदा या मैदे से बनी चीजें, नमक बहुत ही कम लेना चाहिए। नमक का ज्यादा सेवन लिवर को और बीमार बनाता है।
अलसी के बीज
अलसी के बीज के सेवन से लिवर से फैट हटता है। फैटी लिवर की समस्या से निजात दिलाने में अलसी के बीज किसी रामबाण से कम नहीं है।
आंवला खाएं
आंवले में एंटी-ऑक्सीडेंट बहुत होता है। लिवर की बीमारी में आंवले का किसी न किसी रूप में प्रयोग जरूर करना चाहिए। आप इसका पाडर लें या मुरब्बा खा सकते हैं।
(डिस्क्लेमर: आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए दिए गए हैं और इसे आजमाने से पहले किसी पेशेवर चिकित्सा सलाह जरूर लें। । किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने, एक्सरसाइज करने या डाइट में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
Published on:
09 Mar 2022 04:33 pm
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