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Measles In India: खसरा को लेकर WHO के आंकड़ें डराने वाले हैं, जानिए लक्षण और उपचार

मीजल्स एक खतरनाक संक्रामक बीमारी (Contagious Diseases) है। इसे हिंदी में खसरा के नाम से जानते हैं। यह बीमारी पैरामाइक्सोवायरस नाम के वायरस से फैलती है। आइए, जानते हैं मीजल्स के लक्षण, प्रकार और बचाव

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Measles In India: आज हम बात करेंगे एक ऐसी बीमारी के बारे में जिसका खतरा बच्चों में अधिक होता है। ऐसे तो यह बीमारी वयस्कों में भी देखी जाती है, हम बात कर रहे हैं मीजल्स की। मीजल्स एक खतरनाक संक्रामक बीमारी (Contagious Diseases) है। इसे हिंदी में खसरा के नाम से जानते हैं। यह बीमारी पैरामाइक्सोवायरस नाम के वायरस से फैलती है। आइए, जानते हैं मीजल्स के लक्षण, प्रकार और बचाव

कैसे फैलती है बीमारी (How the disease spread)

खसरे से पीड़ित व्यक्ति जब खांसता या थूकता है तो वायरस हवा के कणों में शामिल हो जाता है और इस तरह यह बीमारी फैलती है। मुंह-गले में छाले पड़ना, तेज बुखार, खांसी और शरीर पर लाल चकत्ते मीजल्स के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। भारत में मीजल्स के आंकड़ें चौंकाने वाले हैं। WHO की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2022 में भारत में मीजल्स के 40 हजार से ज्यादा मामले दर्ज किए गए।

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मीजल्स के लक्षण (Symptoms of Measeals)
बुखार


आमतौर पर इस संक्रमण से प्रभावित होने के 7-14 दिन के बाद शरीर में किसी भी तरह का लक्षण दिखाता है। मीजल्स में प्रमुख लक्षणों में से एक हैं बुखार। इस बीमारी में बच्चों या वयस्कों के शरीर का तापमान बढ़
जाता है। यह हमेशा एक डिग्री फॉरेनहाइट या उससे अधिक होता है।

साइनस और खांसी

आमतौर पर मीजल्स में सर्दी-खांसी भी होती है। कई लोगों को सिर्फ ड्राई कफ तो कई लोगों को गीली खांसी की शिकायत रहती है। साथ ही नाक बंद होना और साइनस के अन्य लक्षण का दिखाई देना भी आम है।

आंखों में लालिमा

मीजल्स से पीड़ित लोगों के आंखों में लालिमा देखी जाती है। साथ ही आंखों में जलन और सूजन आता है। कई बार कंजक्टिवाइटस भी होता है।

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त्वचा पर रैसेज

मीजल्स बीमारी (Measles Disease) में शरीर पर लाल चकत्ते, रैसेज आदि देखे जाते हैं। सबसे पहले ये रैसेज कान, गला और पीठ पर आते हैं। जैसे-जैसे समय बीतता है ये चकत्ते शरीर के विभिन्न अंगों पर आने लगते हैं।

कैसे करें उपचार?

खसरे से पीड़ित लोगों को भरपूर तरल पदार्थ का सेवन करना चाहिए। नारियल पानी का सेवन बहुत फायदेमंद माना जाता है। इसके साथ ही आप खूब आराम करें। किसी भी बीमारी से लड़ने का मूलमंत्र है, आराम। दर्द या बुखार के लिए डॉक्टरों की सलाह के अनुसार दवाई लें। इसके अलावा आप घर में साफ सफाई रखें, नीम के पत्ते से हवा करें और नहलाएं भी

यदि आप या आपके बच्चों में खसरा का लक्षण दिखता है तो तुरंत जांच कराएं और इसकी पुष्टि होने पर कुछ दिन दूसरों से दूरी बनाएं।

Types Of Measles: क्या मीजल्स, चिकनपॉक्स और स्मॉलपॉक्स से अलग है?

खसरा, चिकनपॉक्स और स्मॉलपॉक्स तीनों बीमारी एक जैसी देखने में लगती है। इस कारण से लोगों को इन तीनों को पहचानने में कंफ्यूजन हो जाता है। चिकनपॉक्स को आम बोलचाल की भाषा में छोटी माता कहा
जाता है। यह बच्चों में अधिक पाया जाता है। इस बीमारी में बच्चों के शरीर पर लाल दाने दिखाई देते हैं। यह बीमारी वेरिसेला जोस्टर नाम के वायरस के कारण होती है।

वहीं स्मॉलपॉक्स चेचक के नाम से जाना जाता है। स्मॉलपॉक्स में चेहरे पर लाल धब्बे हो जाते हैं जो बाद में हाथ- पैर और अन्य अंग पर होते हैं।

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