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Medicine Price Drop: डायबिटीज और हार्ट पेशेंट्स की 37 दवाओं पर राहत, सरकार ने घटाई कीमतें

Medicine Price Drop: केंद्र सरकार ने 37 जरूरी दवाओं की कीमत घटाकर मधुमेह, हृदय रोग, सूजन और मानसिक रोगों से जूझ रहे मरीजों को राहत दी है। इस फैसले से लाखों परिवारों की दवाइयों पर होने वाला मासिक खर्च कम होगा। नई कीमतें तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।

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भारत

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Dimple Yadav

Aug 04, 2025

77 मेडिकल स्टोर्स पर छापा, 13 में अनियमितता पकड़ी- फूड एंड ड्रग विभाग की बड़ी कार्रवाई(photo-patrika)

77 मेडिकल स्टोर्स पर छापा, 13 में अनियमितता पकड़ी- फूड एंड ड्रग विभाग की बड़ी कार्रवाई(photo-patrika)

Medicine Price Drop: केंद्र सरकार ने आम जनता को राहत देते हुए 37 जरूरी दवाओं के रिटेल प्राइस में कटौती की घोषणा की है। इनमें हृदय रोग, मधुमेह, मानसिक रोग, सूजन, और एंटीबायोटिक दवाएं शामिल हैं, जो रोजमर्रा की चिकित्सा में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होती हैं।

कौन-सी दवाएं हुईं सस्ती?

रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के मुताबिक, राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) ने ड्रग्स प्राइस कंट्रोल ऑर्डर (DPCO), 2013 के तहत यह आदेश जारी किया है। जिन दवाओं की कीमतें घटाई गई हैं, उनमें शामिल हैं।

  • पैरासिटामोल (बुखार और दर्द की दवा)
  • एटोरवास्टेटिन (कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवा)
  • एमोक्सिसिलिन (एंटीबायोटिक)
  • मेटफॉर्मिन (मधुमेह की आम दवा)
  • एसीक्लोफेनाक + पैरासिटामोल (सूजनरोधी दवाएं)
  • ट्रिप्सिन-काइमोट्रिप्सिन कॉम्बिनेशन
  • बच्चों के लिए ओरल सस्पेंशन
  • विटामिन D सप्लीमेंट्स

दवा कंपनियों को तुरंत लागू करना होगा नया रेट

NPPA ने निर्देश दिया है कि सभी दवा कंपनियां संशोधित मूल्य तुरंत प्रभाव से लागू करें। कंपनियों को नई दरें फॉर्म-V में Integrated Pharmaceutical Database Management System (IPDMS) पर अपलोड करनी होंगी। साथ ही, ये नई दरें राज्य औषधि नियंत्रकों को भी भेजी जाएंगी।

खुदरा दुकानों पर नई कीमतें दिखाना अनिवार्य

ड्रग्स प्राइस कंट्रोल ऑर्डर के तहत खुदरा विक्रेताओं और मेडिकल स्टोर्स को नई कीमतों को प्रमुखता से प्रदर्शित करना जरूरी है। इससे उपभोक्ता को पता चलेगा कि कौन-सी दवा कितनी सस्ती हुई है। हालांकि, अधिसूचित कीमतों में GST शामिल नहीं है, यानी टैक्स अलग से जोड़ा जा सकता है।

लाखों परिवारों को होगा सीधा लाभ

सरकार के इस फैसले से लाखों मरीज़ों को सीधा फायदा होगा। पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोग जो नियमित रूप से इन दवाओं का सेवन करते हैं, उनकी मासिक दवा लागत में कमी आएगी। यह कदम देश के हेल्थकेयर खर्च को घटाने की दिशा में बड़ा और प्रभावी माना जा रहा है।