
Morning Stiffness Causes (Photo- gemini ai)
Morning Stiffness Causes: 40 की उम्र के बाद सुबह उठते ही घुटनों, उंगलियों या पीठ में जकड़न महसूस होना बहुत आम बात है। कई लोगों को लगता है कि शरीर अकड़ गया है, लेकिन थोड़ी देर चलने-फिरने, ब्रश करने या हल्का स्ट्रेच करने के बाद सब ठीक हो जाता है। सवाल ये है कि क्या यह बिल्कुल सामान्य है या किसी बीमारी का संकेत भी हो सकता है?
ऑर्थोपेडिक एक्सपर्ट्स Dr Srikanth E. Neruganti और Dr Vivek Kumar N. Savsani बताते हैं कि हल्की मॉर्निंग स्टिफनेस अक्सर उम्र बढ़ने का सामान्य हिस्सा होती है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, जोड़ों में मौजूद प्राकृतिक चिकनाई (लुब्रिकेशन) थोड़ी कम होने लगती है। हड्डियों के बीच का कुशन यानी कार्टिलेज धीरे-धीरे घिस सकता है। इसके अलावा, अगर आप रातभर एक ही पोजीशन में सोते हैं तो मांसपेशियां भी टाइट हो सकती हैं। इसे फिजियोलॉजिकल स्टिफनेस कहा जाता है। यह आमतौर पर हल्की होती है, 15-20 मिनट में ठीक हो जाती है और रोजमर्रा के काम में ज्यादा परेशानी नहीं देती।
हर जकड़न को नजरअंदाज करना सही नहीं है। अगर सुबह की अकड़न 30-45 मिनट से ज्यादा रहे, दर्द ज्यादा हो या जोड़ों में सूजन, लालिमा या गर्माहट महसूस हो तो यह किसी इंफ्लेमेटरी बीमारी का संकेत हो सकता है। कुछ जोड़ों की बीमारियां सुबह ज्यादा जकड़न देती हैं और धीरे-धीरे दिन में कम होती हैं। वहीं सामान्य घिसाव वाली समस्या में सुबह कम जकड़न होती है लेकिन दिनभर ज्यादा काम करने से दर्द बढ़ जाता है।
अगर लक्षण लंबे समय तक बने रहें तो जांच कराना जरूरी है। जल्दी इलाज शुरू करने से जोड़ों को स्थायी नुकसान से बचाया जा सकता है।
अच्छी बात यह है कि कई मामलों में छोटी-छोटी आदतें बहुत मदद करती हैं:
सुबह हल्की जकड़न अक्सर उम्र का सामान्य असर होती है। लेकिन अगर दर्द ज्यादा हो, लंबे समय तक रहे या सूजन के साथ हो तो इसे सिर्फ उम्र कहकर नजरअंदाज न करें। समय पर डॉक्टर से सलाह लेने से दर्द कम होता है, जोड़ों की ताकत बनी रहती है और आप लंबे समय तक एक्टिव और फिट रह सकते हैं।
Published on:
27 Feb 2026 05:39 pm
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