
रसोई में पाई जाने वाली सौंफ चाय बनाने से लेकर, खाना खाने के बाद मुख शोधक के रू प में खाने में प्रतिदिन काम लाई जाती है। प्रतिदिन प्रयोग में आने वाले मसालों में इसका विशिष्ट स्थान है।
सौंफ का प्रयोग अचार के मसाले में किया जाता है।
पान खाने वाले पान में सौंफ को विशेष स्थान देते हैं।
मुख शुद्धि के रू प में सौंफ का प्रयोग किया जाता है।
ठंडाई आदि बनाते समय सौंफ का प्रयोग मुख्य रू प में किया जाता है।
आम की चटनी और चाय आदि में सौंफ का प्रयोग सुगंघ के लिए किया जाता है।
सौंफ पेट के रोगियों के लिए रामबाण औषधि है। सौंफ नेत्र रोग नाशक, कफनाशक, बुद्धिवर्द्धक पाचक के रू प में बहुत लाभदायक माना जाता है।
नेत्र ज्योति में वृद्धि के लिए सौंफ, बादाम और मिश्री समान भाग में पीस लें। एक चम्मच सुबह-शाम पानी &
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