
Oral Cancer Risk (photo- freepik)
Oral Cancer Risk: अक्सर लोगों को लगता है कि ओरल कैंसर सिर्फ सिगरेट, बीड़ी या तंबाकू चबाने से होता है। जो लोग तंबाकू नहीं लेते, वे खुद को सुरक्षित मान लेते हैं। लेकिन सच यह है कि रोज शराब पीने की आदत भी मुंह के कैंसर का खतरा बढ़ा सकती है, भले ही व्यक्ति तंबाकू न लेता हो।
भारत में हुए एक अध्ययन में सामने आया है कि 10 में से 6 से ज्यादा ओरल कैंसर के मामले शराब और स्मोकलेस तंबाकू जैसे गुटखा, खैनी और पान से जुड़े हुए हैं। इस रिसर्च के मुताबिक, देश में करीब 62% ओरल कैंसर के मामले तंबाकू और शराब दोनों के इस्तेमाल की वजह से होते हैं। इससे साफ है कि शराब अकेले भी एक बड़ा रिस्क फैक्टर बन सकती है।
बेंगलुरु के KIMS हॉस्पिटल्स में ऑन्कोलॉजी के चेयरमैन डॉ. संदीप नायक बताते हैं कि जब हम शराब पीते हैं, तो शरीर में एक जहरीला केमिकल बनता है जिसे एसीटाल्डिहाइड कहते हैं। यह मुंह की कोशिकाओं के DNA को नुकसान पहुंचाता है। इसके अलावा शराब मुंह की अंदरूनी त्वचा को कमजोर बना देती है, जिससे हानिकारक तत्व आसानी से अंदर प्रवेश कर जाते हैं। शराब लार बनने की प्रक्रिया भी कम कर देती है, जबकि लार मुंह की प्राकृतिक सुरक्षा होती है। जब लार कम हो जाती है, तो मुंह में सूजन और इंफेक्शन की संभावना बढ़ जाती है। अगर यह सब लंबे समय तक चलता रहे, तो कोशिकाएं सही तरीके से ठीक नहीं हो पातीं और कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
ओरल कैंसर के कुछ लक्षण ऐसे होते हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जैसे मुंह के अंदर सफेद या लाल धब्बे, मुंह पूरा न खुल पाना, बिना वजह खून आना, दांतों का ढीला होना, खाना चबाने या निगलने में दर्द होना। अगर ऐसे लक्षण 2 से 3 हफ्तों तक बने रहें, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। समय पर जांच से इलाज आसान हो जाता है।
तंबाकू और शराब के अलावा भी कुछ चीजें जोखिम बढ़ा सकती हैं। जैसे मुंह की ठीक से सफाई न रखना, दांत का नुकीला किनारा जो मुंह को बार-बार चोट पहुंचाए, HPV इंफेक्शन, होंठों पर ज्यादा धूप लगना और मुंह में लंबे समय तक सूजन रहना।
ओरल कैंसर से बचने के लिए सबसे जरूरी है तंबाकू और शराब से दूरी बनाना। इसके अलावा नियमित डेंटल चेकअप कराना, मुंह की साफ-सफाई रखना, संतुलित आहार लेना, समय-समय पर कैंसर स्क्रीनिंग कराना और इसके लक्षणों के बारे में जानकारी रखना भी जरूरी है। डॉ. संदीप नायक के अनुसार, जागरूकता, समय पर पहचान और सही कदम उठाकर ओरल कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
Published on:
02 Feb 2026 12:37 pm

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