
Sepsis से हर साल लाखों लोग प्रभावित होते हैं (photo- freepik)
Sepsis Symptoms: कई बार बुखार, संक्रमण या किसी चोट को लोग सामान्य मानकर घर पर ही इलाज करते रहते हैं। लेकिन कुछ मामलों में यही संक्रमण तेजी से गंभीर रूप ले सकता है और सेप्सिस जैसी जानलेवा स्थिति पैदा कर सकता है। अगर समय पर इलाज न मिले, तो मरीज को ICU तक ले जाने की नौबत आ सकती है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, सेप्सिस तब होता है जब किसी संक्रमण (Infection) के प्रति शरीर की प्रतिक्रिया असंतुलित हो जाती है और वह अपने ही अंगों (Organs) को नुकसान पहुंचाने लगती है। यह एक मेडिकल इमरजेंसी है, जिसमें तुरंत इलाज की जरूरत होती है।
WHO के अनुसार, बैक्टीरिया, वायरस, फंगस या अन्य सूक्ष्मजीवों से होने वाला संक्रमण कभी-कभी पूरे शरीर में गंभीर प्रतिक्रिया पैदा कर सकता है। अगर इस स्थिति का समय पर इलाज न हो, तो यह कई अंगों की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकता है और जान का खतरा बढ़ सकता है।
CDC के अनुसार, सेप्सिस के लक्षण हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं, लेकिन कुछ सामान्य संकेतों पर तुरंत ध्यान देना चाहिए-
संक्रमण के साथ तेज बुखार आना आम बात है, लेकिन कुछ मरीजों में शरीर का तापमान सामान्य से काफी कम भी हो सकता है।
अगर संक्रमण के साथ तेजी से सांस फूलने लगे या सांस लेने में कठिनाई हो, तो यह गंभीर संकेत हो सकता है।
बिना किसी भारी मेहनत के भी दिल की धड़कन तेज महसूस होना सेप्सिस का एक लक्षण हो सकता है।
अचानक उलझन, जवाब देने में कठिनाई, ज्यादा नींद आना या भ्रम की स्थिति भी गंभीर संकेत माने जाते हैं, खासकर बुजुर्गों में।
अगर शरीर में संक्रमण के साथ पेशाब की मात्रा कम होने लगे, तो यह किडनी पर असर का संकेत हो सकता है।
कुछ मरीजों में त्वचा ठंडी, पीली या धब्बेदार दिखाई दे सकती है। यह शरीर में रक्त प्रवाह प्रभावित होने का संकेत हो सकता है।
अगर संक्रमण के दौरान मरीज असामान्य रूप से कमजोर महसूस करे या हालत तेजी से बिगड़ती नजर आए, तो तुरंत अस्पताल जाना चाहिए।
WHO और CDC के अनुसार, सेप्सिस का खतरा इन लोगों में अधिक हो सकता है-
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
08 Jul 2026 05:52 pm
Published on:
08 Jul 2026 05:52 pm
