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Water Toxicity: गर्मियों में ज्यादा पानी पीने का गणित, जानिए क्या है वॉटर टॉक्सिसिटी और शरीर पर इसका असर

Summer Hydration: गर्मी में जरूरत से ज्यादा पानी पीना वॉटर टॉक्सिसिटी या हाइपोनेट्रेमिया का कारण बन सकता है। जानें इसके लक्षण, खतरे और रोज कितना पानी पीना सही है।

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भारत

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Dimple Yadav

Jun 01, 2026

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वॉटर टॉक्सिसिटी और हाइपोनेट्रेमिया के खतरे को दर्शाती प्रतीकात्मक तस्वीर (photo- chatgtp)

Excess Water Drinking: गर्मियों में खुद को हाइड्रेटेड रखने के लिए भरपूर पानी पीना सही है, लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी पीना नुकसानदायक भी हो सकता है। कम समय में अत्यधिक पानी पीने की इस स्थिति को मेडिकल भाषा में वॉटर टॉक्सिसिटी (Water Toxicity) या हाइपोनेट्रेमिया (Hyponatremia) कहा जाता है।

वैश्विक रिसर्च क्या कहती है?

ज्यादा पानी पीने के इस गंभीर मेडिकल रिस्क को लेकर दुनिया के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान लगातार चेतावनी जारी करते रहे हैं। हार्वर्ड टी.एच. चान स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ (Harvard Health) की ऑफिशियल गाइडलाइंस के अनुसार, एक निश्चित समय सीमा के अंदर बहुत अधिक पानी पी लेने से शरीर में हाइपोनेट्रेमिया की स्थिति पैदा हो जाती है। यह समस्या ज्यादातर गर्मियों में अत्यधिक वर्कआउट या धूप से आने के बाद अचानक बहुत ज्यादा पानी पीने वाले लोगों में देखी जाती है।

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन (PubMed) पर मौजूद वॉटर टॉक्सिसिटी की क्लिनिकल रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि जब शरीर में सोडियम का लेवल 135 mEq/L से नीचे चला जाता है, तो रक्त कोशिकाएं (Cells) असामान्य रूप से सूजने लगती हैं, जो सीधे हमारे सेंट्रल नर्वस सिस्टम को प्रभावित करती हैं।

क्या है डॉक्टर की राय

डॉक्टर अमन मीना (MD, फिजिशियन) ने इसके पीछे के बायोलॉजिकल प्रोसेस को समझाते हुए बताया कि हमारे शरीर में पानी और सोडियम (नमक) का एक निश्चित संतुलन होना जरूरी है। सोडियम हमारी नसों और मांसपेशियों को ठीक से काम करने में मदद करता है। जब कोई व्यक्ति बहुत कम समय में अत्यधिक पानी पी लेता है, तो हमारी किडनी (जो प्रति घंटे अधिकतम 800 से 1,000 मिलीलीटर पानी ही फिल्टर कर सकती है) उस एक्स्ट्रा पानी को बाहर नहीं निकाल पाती। नतीजतन, खून में मौजूद सोडियम बहुत ज्यादा पतला (Dilute) हो जाता है।

खून में सोडियम कम होने से अतिरिक्त पानी दिमाग की कोशिकाओं (Brain Cells) के अंदर घुसने लगता है। चूंकि खोपड़ी के अंदर फैलने की जगह नहीं होती, इसलिए ब्रेन सेल्स में सूजन आते ही मरीज को तेज सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी होना और गंभीर मामलों में बेहोशी या कोमा जैसी स्थिति हो सकती है।

कितना पानी है सही?

  • बिना प्यास लगे जबरदस्ती पानी पीने की आदत छोड़ें। आपका शरीर प्यास के जरिए खुद सिग्नल देता है।
  • अगर आपका यूरिन पानी जैसा बिल्कुल सफेद आ रहा है, तो इसका मतलब है कि आप ओवर-हाइड्रेशन (जरूरत से ज्यादा पानी) के शिकार हैं। हल्का पीला रंग परफेक्ट हाइड्रेशन की निशानी है।
  • एक सामान्य वयस्क के लिए गर्मियों में रोजाना 3 से 4 लीटर (लगभग 10-12 गिलास) पानी पर्याप्त होता है।
  • सादे पानी के बजाय बीच-बीच में नींबू पानी, नारियल पानी या ओआरएस (ORS) लें, ताकि शरीर में सोडियम और मिनरल्स का संतुलन बना रहे।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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