
आंखों के केयर की प्रतीकात्मक तस्वीर (photo- freepik)
UV Protection Sunglasses: गर्मियों के मौसम में सूरज की तपिश और चिलचिलाती धूप से बचने के लिए लोग सनग्लासेस (धूप का चश्मा) का खूब इस्तेमाल करते हैं। अक्सर स्टाइलिश दिखने या पैसे बचाने के चक्कर में लोग सड़क किनारे या लोकल मार्केट से मिलने वाले सस्ते और घटिया क्वालिटी के चश्मे खरीद लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि धूप से आंखों को बचाने वाला यही सस्ता चश्मा आपकी रोशनी का सबसे बड़ा दुश्मन बन सकता है?
आई स्पेशलिस्ट डॉक्टर प्रदीप यादव के अनुसार, बिना यूवी प्रोटेक्शन वाले ये सस्ते चश्मे आंखों को आराम देने के बजाय उन्हें हमेशा के लिए डैमेज कर सकते हैं।
डॉ प्रदीप बताते हैं कि हमारी आंखों में एक नेचुरल डिफेंस सिस्टम (सुरक्षा तंत्र) होता है। जब हम तेज धूप में जाते हैं, तो हमारी आंखों की पुतलियां (Pupils) खुद-ब-खुद सिकुड़ जाती हैं, ताकि सूरज की हानिकारक किरणें आंखों के अंदर कम से कम जा सकें।
लेकिन जब आप किसी लोकल मार्केट से खरीदा हुआ सस्ता और डार्क लेंस वाला चश्मा पहनते हैं, तो आंखों के आगे अंधेरा छा जाता है। इससे दिमाग को लगता है कि आप किसी अंधेरी जगह पर हैं और आंखों की पुतलियां सामान्य से अधिक फैल जाती हैं। सस्ते चश्मों के लेंस में अल्ट्रावॉयलेट (UV) किरणों को रोकने की क्षमता नहीं होती। नतीजतन, फैली हुई पुतलियों के रास्ते सूरज की खतरनाक यूवी किरणें (UVA और UVB) सीधे आंखों के पर्दे (Retina) तक बहुत आसानी से पहुंच जाती हैं। यह स्थिति बिना चश्मे के धूप में घूमने से भी ज्यादा खतरनाक होती है।
बिना यूवी कोटिंग वाले घटिया प्लास्टिक लेंस का लगातार इस्तेमाल करने से आंखों को कई तरह की गंभीर समस्याएं हो सकती हैं:
गर्मियों में अपनी आंखों को पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए डॉक्टर प्रदीप यादव ने कुछ व्यावहारिक सुझाव दिए हैं:
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
01 Jun 2026 03:40 pm
Published on:
01 Jun 2026 03:40 pm
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