
गर्मियों में बढ़ते यूरिन इन्फेक्शन की प्रतीकात्मक तस्वीर (photo- freepik)
UTI Causes in Summer: गर्मियों का पारा चढ़ते ही अस्पतालों की ओपीडी में यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) यानी यूरिन इन्फेक्शन के मामलों में अप्रत्याशित उछाल देखा जा रहा है। चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी सिर्फ हीट स्ट्रोक या डिहाइड्रेशन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे यूरिनरी ट्रैक को भी सीधे तौर पर प्रभावित करती है। देश के जाने-माने यूरोलॉजिस्ट डॉ. रवि गुप्ता के अनुसार, इस मौसम में जरा सी लापरवाही बैक्टीरिया को तेजी से पनपने का मौका देती है। डॉ. गुप्ता ने पुरुषों और महिलाओं दोनों के शरीर की अलग बनावट और लाइफस्टाइल के आधार पर इसके चौंकाने वाले फैक्ट्स साझा किए हैं।
डॉ. रवि गुप्ता बताते हैं कि गर्मियों में यूटीआई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह 'लो यूरिन आउटपुट' है। जब तापमान बढ़ता है, तो पसीने के माध्यम से शरीर का पानी तेजी से बाहर निकल जाता है। ऐसे में यदि पानी का इनटेक कम हो, तो किडनी यूरिन को कंसंट्रेट (गाढ़ा) कर देती है। गाढ़ा और कम यूरिन आने की वजह से यूरिनरी ब्लैडर और नली में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया शरीर से बाहर फ्लश आउट नहीं हो पाते, जिससे वे अंदर ही मल्टीप्लाई होने लगते हैं।
चिकित्सकीय आंकड़ों के अनुसार, पुरुषों की तुलना में महिलाएं यूटीआई की शिकार अधिक होती हैं। डॉ. रवि गुप्ता इसके पीछे के मुख्य कारण बताते हैं:
एनाटॉमिकल संरचना (Anatomical Structure): महिलाओं का यूरेथ्रा (मूत्रमार्ग) पुरुषों की तुलना में काफी छोटा होता है। इसके अलावा, मलाशय (Rectum) के करीब होने के कारण ई-कोलाई (E. coli) जैसे खतरनाक बैक्टीरिया बहुत आसानी से ब्लैडर तक पहुंच जाते हैं।
स्वेटिंग और हाइजीन: गर्मियों में इंटीमेट एरिया के आसपास पसीना और नमी जमा होना आम है। यह नमी बैक्टीरिया के लिए ब्रीडिंग ग्राउंड (पनपने की जगह) का काम करती है।
पब्लिक वॉशरूम का रिस्क: कामकाजी या ट्रैवल कर रही महिलाएं अक्सर गंदे पब्लिक टॉयलेट के डर से घंटों यूरिन रोकती हैं, जो इन्फेक्शन को तुरंत इनवाइट करता है।
अक्सर माना जाता है कि यूटीआई सिर्फ महिलाओं को होता है, लेकिन डॉ. रवि गुप्ता ने इस मिथक को खारिज किया है। पुरुषों में गर्मियों के दौरान इसके ट्रिगर होने के कारण अलग हैं:
बढ़ा हुआ प्रोस्टेट (BPH): उम्रदराज पुरुषों में प्रोस्टेट ग्रंथि बढ़ने के कारण यूरिन पूरी तरह पास नहीं होता। गर्मियों में पानी की कमी होने पर ब्लैडर में रुका हुआ यही यूरिन गंभीर इन्फेक्शन का रूप ले लेता है।
सिंथेटिक फैब्रिक का इस्तेमाल: टाइट और सिंथेटिक अंडरगारमेंट्स पहनने से पुरुषों के ग्रोइन एरिया में हवा पास नहीं होती। पसीने के कारण वहां बैक्टीरिया एक्टिव हो जाते हैं, जो यूरेथ्रा के रास्ते अंदर चले जाते हैं।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
1 Jun 2026, 11:40 AM IST
Published on:
1 Jun 2026, 11:40 AM IST
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