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बच्चे को भूख क्यों नहीं लगती?

अक्सर माएं बच्चे के खानपान को लेकर शिकायत करती हैं कि वह कुछ नहीं खाता, जबरदस्ती खिलाना पड़ता है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि बच्चा भूखा है या नहीं। मांएं हर आधा एक घंटे के अंतराल में कुछ न कुछ खिलाती रहती हैं। समझें कि उसे भूख कब लगती है-

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Divya Sharma

Dec 06, 2019

बच्चे को भूख क्यों नहीं लगती?

बच्चे को भूख क्यों नहीं लगती?

30 मिनट तक उबालें दूध की बोतल, दूध पिलाने से पहले। दूध के सूक्ष्म किटाणु बोतल के जरिए बच्चे के पेट में जाकर भूख नष्ट कर देते हैं।
एक साल की उम्र के बाद बच्चे की स्वाद ग्रंथियां विकसित होती हैं और तभी वह नई-नई चीजें खाने में दिलचस्पी दिखाता है। ऐसे में उसके खानपान के रुटीन में आए दिन बदलाव करेंं। कम मसाले वाली चटपटी चीजें जैसे स्प्राउट्स (अंकुरित) में थोड़ी नमकीन मिला दें। फलों की चाट बनाकर खिलाएं। दांत निकलते समय सूप, मैश किया गया सेब या केला खिलाएं।
मूड भी होता है स्विंग
खाने को लेकर बच्चों का मूड भी आए दिन बदलता रहता है। हो सकता है कि कल भर पेट खा लिया तो आज बेहद कम खाएं। इससे परेशान होने के बजाय उनके रुटीन, टेस्ट और स्वभाव को समझने का प्रयास करें।
खिलाने का समय जानें
छह माह का शिशु रोकर जता देता है कि वह भूखा है। ऐसा ही बड़े बच्चे के साथ होता है। बच्चों का पेट थोड़ी मात्रा में कोई भी चीज खिलाने से भर जाता है। ऐसे में धीरे-धीरे उसके भूख लगने की प्रतिक्रिया को समझें, भूखा समझकर बार-बार न खिलाएं। कई बार एक ही चीज बार-बार खाने से भी वह खाने में ना नुकुर करता है।
पौष्टिकता का रखें ध्यान
बच्चे की भोजन की प्लेट में वैराइटी लाना जरूरी है। इससे उसे पोषण मिलेगा साथ ही हर चीज खाने की आदत भी लगेगी। कार्बोहाइड्रेट के लिए सभी प्रकार के अनाज, गुड़, शहद, शक्कर और जड़ वाली सब्जियां खिलाएं। इसी प्रकार दूध व दूध से बनी चीजें, दालें, बींस, अंडा आदि से प्रोटीन की पूर्ति होगी। दूध केवल प्रोटीन का ही नहीं बल्कि कैलोरी, खनिज लवण जैसे कैल्शियम, फॉस्फोरस, विटामिन आदि का भी मुख्य स्त्रोत है। बच्चों को कम से कम २-३ बार दूध व दूध से बने चीजें खिलाएं।
आदत में करें सुधार
बच्चों को शुरू से ही तला व वसायुक्त भोजन खिलाने के बजाय स्टीम्ड, ग्रिल्ड या बेक्स स्नैक्स खिलाएं। बच्चे हमेशा सब्जियां खाने में आनाकानी करते हैं। ऐसे में जबरदस्ती खिलाने के बजाय सब्जियों को आटे में गूंथकर रंग बिरंगी रोटी बनाकर खिलाएं। कई सब्जियां डालकर सांभर, पाव भाजी, वेजिटेबल सैंडविच या पुलाव बना दें। सब्जियां बारीक काटकर उन्हें क्रीम में मिलाकर स्प्रिंग रोल, वेजिटेबल बर्गर आदि बना दें। इसके अलावा क्रीमी सूप भी बना सकती हैं। फलों की पूर्ति के लिए उन्हें फ्रूटक्रीम या फ्रूटकस्टर्ड व जूस बनाकर दे सकते हैं। सब्जियां-फल विटामिन्स व मिनरल्स के अच्छे स्त्रोत हैं।
करें कुछ क्रिएटिव
- बच्चों कोदूध में कोई भी फ्रूट मिलाकर मिल्क शेक बना के देने से बच्चे आराम से दूध पी लेते हैं।
- आलू के सैंडविच की जगह कई सब्जियां, पनीर जैसी चीजों को मिलाकर बनें सैंडविच दे सकते हैं।
- प्लेन इडली की जगह स्टफ्ड इडली दे सकते हैं।
- स्नैक्स में ड्राई फ्रूट्स मिलाकर उसे पौष्टिक व टेस्टी बना सकते हैं।
- प्लेन परांठे की जगह पनीर या सब्जियां स्टफ करके घी वाली चपाती बना के दे सकते हैं।
एक्सपर्ट : वैशाली सोनी, डाइटीशियन, बीकानेर