3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Yoga Asanas and Fertility : बढ़ती उम्र, घटती प्रजनन क्षमता: योग से पाएं निदान, पाएं मातृत्व का सुख

Yoga Asanas and Fertility : लाइफस्टाइल और वर्किंग कल्चर में आने वाले बदलावों का असर सबसे ज्यादा महिलाओं में देखा जा रहा है, जिसमें सबसे अधिक महिलाएं पीसीओएस या पीसीओडी (पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम या डिसीज) का शिकार हो रही हैं।

2 min read
Google source verification
yoga for women

yoga for women

Yoga Asanas: जयपुर. लाइफस्टाइल और वर्किंग कल्चर में आने वाले बदलावों का असर सबसे ज्यादा महिलाओं में देखा जा रहा है, जिसमें सबसे अधिक महिलाएं PCOS या PCOD (पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम या डिसीज) का शिकार हो रही हैं। इससे निजात पाने के लिए महिलाएं दवाओं पर हजारों रुपए खर्च कर रही हैं, लेकिन यह फायदेमंद साबित नहीं हो रहा है।

शहर के चिकित्सकों के मुताबिक PCOS कोई बीमारी नहीं, बल्कि एक लाइफस्टाइल डिसऑर्डर है। पीसीओएस के कारण शरीर में एंड्रोजेन की मात्रा अधिक होने से इनमें हार्मोन्स असंतुलित हो जाते हैं। यह महिलाओं की प्रजनन क्षमता (Fertility) को प्रभावित करता है। राजधानी के अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 25 से 30 युवतियां और महिलाएं पीसीओएस की समस्या को लेकर पहुंच रही हैं। इनमें 14 से 30 वर्ष तक की युवतियों और महिलाओं की संख्या अधिक है।

योग विशेषज्ञों के अनुसार अनियमित मासिक धर्म के सुधार और PCOS जैसी समस्या के महंगे इलाज के बजाय वे प्राकृतिक रूप से इस समस्या से निजात पाना चाहती हैं। इस परेशानी से पीड़ित 15 से 20 महिलाओं ने योग के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है।

तनाव कम करने में मिलती मदद

सरकारी आंकड़ों के अनुसार पीसीओएस 15 से 49 वर्ष तक की महिलाओं को प्रभावित करता है। भारत में यह 3.7 से 22.5 प्रतिशत महिलाओं को प्रभावित करता है। यह 20 से 30 वर्ष की महिलाओं में तब पाया जाता है, जब वे गर्भवती होने की कोशिश कर रही होती हैं। (सोर्स: पीआइबी) स्टैटिस्टा यूनिसेफ की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में 22.5 प्रतिशत महिलाएं पीसीओडी से पीड़ित हैं।

PCOS को कंट्रोल करने के लिए सूर्यनमस्कार, सुप्तबद्धकोणासन, धनुरासन, भारद्वाजासन, उष्ट्रासन, भुजंगासन, बटरफ्लाई, हनुमानासन, बालासन, नौकासन इसके साथ ही ब्रीदिंग एक्सरसाइज मेें कपालभाती लाभदायक है। इन योगासन से तनाव कम और प्रजनन अंगों को मदद मिलती है। पीरियड्स की अनियमितता भी दूर होती है। -हिना मोहनानी, योगा एक्सपर्ट

किशोरियों व महिलाओं में पीसीओडी होना आम बात हो गई है। मरीज को लाइफ स्टाइल बदलने व योगा करने की सलाह देते हैं। जिन महिलाओं ने योगा किया उनमें परिणाम सकारात्मक देखे गए। - डॉ. पूनम चौधरी, स्त्री रोग विशेषज्ञ

लगातार अभ्यास से मिला फायदा

सांगानेर निवासी मनीषा चारण ने बताया कि चार वर्ष से PCOS की समस्या से जूझ रही थी। कई ट्रीटमेंट लिए, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। एनआइए अस्पताल में डॉक्टर को दिखाया, तो उन्होंने लाइफस्टाइल बदलने और योगा करने के लिए कहा। लगातार एक वर्ष तक योगा कर पीसीओएस को ठीक किया।

ब्रह्मपुरी निवासी राशि महरवाल ने बताया कि उन्हें PCOD की समस्या थी। दो वर्ष तक दवाओं में हजारों रुपए खर्च कर दिए, लेकिन फायदा नहीं मिला। यूट्यूब पर देखा कि योगा से पीसीओएस ठीक हो सकता है, तो योगा क्लासेज ज्वाइन की और धीरे-धीरे हेल्थ में सुधार दिखने लगा। अब पीसीओएस खत्म हो गया है।

Story Loader