
Hot Yoga
वाशिंगटन। बीते कुछ सालों में भारत ने दुनिया को योग करना सिखा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्ताव के बाद तो 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस भी मनाया जाने लगा। योग भारत की एक वैदिक परंपरा है, जिससे शरीर रोगमुक्त बना रहता है। इस परंपरा को अब दुनिया के अपनाने के बाद अब इसमें रोज नए-नए शोध रहे हैं। हालिया हुई हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के ताजा अध्ययन में बताया गया है कि गर्म तापमान (27 से 38 डिग्री से.) वाले कमरे में योग (Yoga Therapy) करने से मध्यम से गंभीर अवसाद (Depression) कम हो सकता है।
65 अवसाद ग्रसित लोगों पर किया गया शोध
शोधकर्ताओं ने अवसाद से पीडि़त 65 वयस्कों को हॉट योग सत्र (Hot Yoga) में भेजा। इसके बाद इनमें अवसाद के लक्षण (Symptoms Of Depression) काफी कम दिखे। दरअसल हॉट योग (Hot Yoga) और विक्रम योग को अक्सर एक ही मान लिया जाता है, लेकिन इसमें काफी अंतर है। विक्रम योग (Bikram Yoga) में 90 मिनट तक 40 डिग्री सेल्सियस तापमान वाले कमरे में 26 मुद्राएं और दो श्वास लेने के व्यायाम होते हैं, जबकि हॉट योग में 27 से 38 डिग्री सेल्सियस तापमान के कमरे में संगीत और बातचीत के साथ विभिन्न योग मुद्राएं करवाई जाती हैं।
कैसे होता है लाभ ?
चिकित्सकों और प्रशिक्षकों का कहना है कि हॉट योग (Hot Yoga) सकारात्मक मूड से जुड़े न्यूरोट्रांसमीटर एंडोर्फिन, डोपामाइन, सेरोटोनिन और ऑक्सिटोसिन को रिलीज करता है। इससे मूड अच्छा होता है और तनाव कम होता है।
Published on:
18 Feb 2024 08:47 am
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