20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

हरियाणा में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम,हाथी ने फिर से पहना चश्मा

राजनीतिक घटनाक्रम के दौरान राज्य के मुख्य विपक्षी दल इंडियन नेशनल लोकदल व बहुजन समाज पार्टी ने गठबंधन का ऐलान कर दिया।

2 min read
Google source verification
bsp inld

चंडीगढ़। हरियाणा में चुनाव से पहले बुधवार को बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के दौरान राज्य के मुख्य विपक्षी दल इंडियन नेशनल लोकदल व बहुजन समाज पार्टी ने गठबंधन का ऐलान कर दिया। दोनों राजनीतिक दल एक साथ आगामी चुनाव लडेंगे। विधानसभा में विपक्ष के नेता अभय चौटाला तथा बसपा के वरिष्ठ नेता डॉ.मेघराज ने यहां संयुक्त पत्रकार वार्ता के दौरान यह ऐलान किया। लोकसभा एवं विधानसभा में सीटों का बंटवारा दोनों ही दलों के नेता चुनावों के समय मिल-बैठकर करेंगे।


हरियाणा में इनेलो को किसानों की सियासत करने वाली पार्टी के रूप में जाना जाता है और बसपा दलितों की राजनीति करती है। गठबंधन की घोषणा के मौके पर इनेलो की ओर से अभय चौटाला के अलावा पार्टी प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा, पूर्व सीपीएस रामपाल माजरा सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। वहीं बसपा के प्रभारी डॉ.मेघराज के अलावा पार्टी प्रदेशाध्यक्ष प्रकाश भारती, पूर्व डिप्टी स्पीकर एवं वरिष्ठ बसपा नेता अकरम खान मुख्य रूप से मौजूद रहे। बुधवार को गठबंधन के बाद दोनों ही दलों ने दलितों, पिछड़ों एवं किसानों की समस्याओं को मुद्दा बनाकर सत्ता में आने का ‘सपना’ भी देख लिया है।


इनेलो के लिए यह गठबंधन नया नहीं है। इससे पहले भी 1998 में इनेलो और बसपा के बीच समझौता हो चुका है। इस बार इनेलो व बसपा ने मिलकर कांग्रेस और भाजपा मुक्त भारत का नारा दिया है। इनेलो और बसपा के इस गठबंधन ने समय पूर्व लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों की संभावनाओं को और हवा दे दी है। वहीं सत्तारूढ़ भाजपा को भी अब आगामी चुनाव जीतने के लिए अपनी रणनीति बदलनी होगी। इस ऐलान के दौरान आज यहां मंच के लेफ्ट साइट में इनेलो वर्कर और राइट साइट में बसपा वर्कर अपनी-अपनी पार्टी का झंडा लहराते नजर आए।

गठबंधन का नारा, अब समय है बदलाव का
हरियाणा में इनेलो तथा बसपा के गठबंधन के बाद दोनों दलों ने मिलकर अपना नया नारा भी दे दिया है। यह नारा है ‘अब समय है बदलाव का। दलित, पिछड़े और किसान मिलकर बनाएंगे नई पहचान। अब समय है बदलाव का’। यानी गठबंधन ने इन तीनों ही वर्गों को साधने की रणनीति तय कर डाली है। यही नहीं, एक मई से एसवाईएल मुद्दे पर इनेलो द्वारा किए जाने वाले जेल भरो आंदोलन का प्रारुप भी गठबंधन मिलकर तय करेगा। यानी पहली मई से होने वाले इन कार्यक्रमों में इनेलो और बसपा के नेता एक मंच पर नजर आएंगे।