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कांवड़ यात्रा के लिए तैयार हरियाणा सरकार, मुख्यमंत्री ने सभी जिला उपायुक्तों व पुलिस अधीक्षकों के साथ की बैठक

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आज राज्य के सभी जिलों के उपायुक्तों व पुलिस अधीक्षकों सहित पुलिस आयुक्तों व वरिष्ठï अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि कावड़ यात्रा के मद्देनजर जिलों के वरिष्ठï अधिकारी अपनी पूरी तैयारी रखें ताकि इस उत्सव के दिनों के दौरान किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत न हो।

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कांवड़ यात्रा

कांवड़ यात्रा के लिए तैयार हरियाणा सरकार, मुख्यमंत्री ने सभी जिला उपायुक्तों व पुलिस अधीक्षकों के साथ की बैठक

चंडीगढ़ । हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आज राज्य के सभी जिलों के उपायुक्तों व पुलिस अधीक्षकों सहित पुलिस आयुक्तों व वरिष्ठï अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि कावड़ यात्रा के मद्देनजर जिलों के वरिष्ठï अधिकारी अपनी पूरी तैयारी रखें ताकि इस उत्सव के दिनों के दौरान किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत न हो।


मुख्यमंत्री ने मंगलवार को सभी जिला उपायुक्तों एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कान्फे्रंसिंग के माध्यम से नौ अगस्त की शिवरात्रि के उत्सव पर चढऩे वाली कावड़ के लिए होने वाली कावड़ यात्रा की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि कांवड यात्रा के दौरान यातायात की व्यवस्था के साथ-साथ कावडिय़ों के जाने के रास्ते तय करें। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) मोहम्मद अकील ने कहा कि कावड यात्रा के दौरान महिला कांवडि़ए भी होते हैं।


इसी दौरान सडकों पर होने वाली दुर्घटनाओं के लिए अधिकारियों को सतर्क रहना होगा। वीडियों कान्फ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री ने यमुनानगर, करनाल, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम, पलवल, नूंह, रेवाड़ी, महेन्द्रगढ़ जिलों से कावड़ यात्रा से संबंधित तैयारी की जानकारी ली और राज्य के अन्य जिलों के अधिकारियों को भी कावड़ यात्रा को ध्यान में रखते हुए अपनी-अपनी व्यवस्था करने के लिए निर्देश दिए।


बैठक में हरियाणा के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा, मुख्य सचिव डी.एस. ढेसी, आपदा एवं प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती केशनी आनंद अरोड़ा, पुलिस महानिदेशक बी.एस. संधू, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) मोहम्मद अकील, आईजी सीआईडी अनिल राव, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव मंदीप सिंह बराड़, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक समीरपाल सरो सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

पुलिस व सिविल प्रशासन नियुक्त करेंगे नोडल अधिकारी
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जिला उपायुक्तों एवं पुलिस अधीक्षकों को निर्देश देते हुए कहा कि अधिकारियों को सेवादल के पदाधिकारियों के साथ कावडिय़ों की सेवा से संबंधित बैठक करनी चाहिए। कावड़ यात्रा के दौरान कानून व्यवस्था के लिए पुलिस के एक अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए और सिविल से भी एक अधिकारी को नोडल अधिकारी तथा एक मैडीकल अधिकारी भी जिले में नियुक्त किया जाए। इसी प्रकार, रात्रि को रोशनी की व्यवस्था करें तथा संवेदनशील जिलों के अधिकारी सतर्क रहें।


रामबिलास की मांग, प्रवेश द्वार पर हो कांवडिय़ों का स्वागत
आज हुई बैठक में शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने कहा कि पानीपत में कांवडिय़ों का भारी प्रवेश होता है और वहांं कावडियों को स्वागत किया जाना चाहिए क्योंकि कावड एक भावना है एक भक्ति है। इस दौरान हरियाणा पुलिस की पैट्रोलिंग व मैडीकल वैन भी उनके साथ वहां पर रहनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि फिरोजपुर झिरका के मंदिर में मेव व हिन्दू दोनों ही धर्मों के लोग कांवड़ चढ़ाते हैं इसलिए वहां पर कानून व्यवस्था के लिहाज से विशेष ध्यान रखा जाए। इसी प्रकार, महेन्द्रगढ़ के वागेश्वर मंदिर में भी कावड़ चढ़ाई जाती है।


पुलिस ने उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश के साथ मिलकर बनाई रणनीति
बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) मोहम्मद अकील ने कहा कि कावड यात्रा से संबंधित हमारी उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश के अधिकारियों के साथ बैठक हो चुकी हैं जिसमें इस यात्रा को सफलतापूर्वक पूरा करवाने के लिए विभिन्न निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि वह स्वयं संबंधित क्षेत्र के एसएचओ और डीएसपी से मिलकर इन व्यवस्थाओं को देखेंगे। प्रत्येक जिले में कावड़ यात्रा के दौरान अतिरिक्त पुलिस बल मुहैया करवाया जाएगा। उन्होंने बैठक में कहा कि उत्तर प्रदेश सीमा से प्रवेश होने वाले कावडिय़ों की सुविधा के लिए जगह-जगह बोर्ड लगाएं व पुलिस कर्मियों को तैनात किया जाए।


हरियाणा के नौ जिले संवेदनशील घोषित
बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने बताया कि कावड़ यात्रा से संबंधित राज्य के यमुनानगर, करनाल, पानीपत, सोनीपत जिले संवेदनशील हैं और इन जिलों में कावडियों की भारी संख्या रहती है। इसी प्रकार, रोहतक, गुरुग्राम, फरीदाबाद, मेवात और पलवल जिले भी कानून व्यवस्था के लिहाज से संवेदनशील हैं और इन जिलों के अधिकारियों को चौकन्ना रहना होगा। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़े तो उक्त जिलों में रास्ते को डायवर्ट किया जा सकता है।